अधिवक्ता, प्राध्यापिकाएं, कलाकार और समाजसेवी भी आजमा रहीं अपना भाग्य
महिलाओं ने नगर परिषद चंबा के चुनाव में हुंकार भरकर गर्माया सियासी माहौल
सुभाष कुमार अग्निहोत्री
चंबा। घर की चौखट से निकलकर अब लोकतंत्र की सीढ़ियां चढ़ने का वक्त है। चंबा के नगर परिषद चुनाव में इस बार तस्वीर पूरी तरह बदलती नजर आ रही है, जहां गृहिणियां, अधिवक्ता, प्राध्यापिकाएं, कलाकार और समाजसेवी सिर्फ मतदाता नहीं, बल्कि प्रत्याशी बनकर मैदान में उतर आए हैं।
वार्डों की राजनीति में नई ऊर्जा और नए विजन के साथ उतरे ये चेहरे अब पारंपरिक समीकरणों को चुनौती देते हुए विकास की नई कहानी लिखने का दावा कर रहे हैं। नगर परिषद चुनावों में शहर के 11 वार्डों से घर-परिवार और वार्ड के बाशिंदों से चुनाव लड़ने की मुहर लगने के बाद प्रत्याशियों ने चुनाव मैदान में हुंकार भरी है।
नगर परिषद चुनाव के लिए चुनाव चिह्न मिलने के बाद प्रत्याशी अब सोशल मीडिया के साथ घर-घर दस्तक देकर और नुक्कड़ सभाएं कर लोगों को अपना विजन बता रहे हैं। चुनावी रण में पहली बार उतरे नए चेहरे भी पुराने प्रत्याशियों को कड़ी टक्कर देने के लिए कमर कस चुके हैं।
हरदासपुरा वार्ड से गृहिणी अंजु कुमारी, नीतू और ललिता देवी, जनसाली वार्ड से संतोष महाजन, सपड़ी वार्ड से निशा बडियाल, सपना मेहरा, कमला देवी, चौगान वार्ड से तन्वी मिर्जा, नेहा शर्मा, जाहिदा मिर्जा, जुलाहकड़ी वार्ड से मीनाक्षी बयाल, सुल्तानपुर वार्ड से कांता देवी चुनावी रण में उतरी हैं। चौगान वार्ड से अधिवक्ता भावना मल्होत्रा, जनसाली वार्ड से अधिवक्ता सीमा कश्यप भी मैदान में हैं। जनसाली वार्ड से बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर तीन साल सेवाएं देने वाली सिमरन बड़ोत्रा ने चुनावी ताल ठोंकी हैं। दूसरी ओर, चंबा जिले की सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया में पहुंचाने में अपनी कला के लिए विख्यात रितिका ठाकुर ने जनसेवा करने का बीड़ा उठाया है। समाज सेवी इंदु बाला ने भी चौगान वार्ड से हुंकार भरी है। संवाद