चंबा। करियां से तड़ग्रां के लिए रावी नदी पर बनाया गया घरूरू (रज्जू मार्ग) बीते रविवार को भारी जलप्रवाह की भेंट चढ़ने के बाद अब ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मंगलवार को पथरी की असहाय दर्द से पीड़ित अमीर सिंह (44) को मजबूरन परिजन और ग्रामीण पीठ पर उठाकर घर से निकले। रास्ते मेंं जगह-जगह हुए भूस्खलन से लगे मलबे के ढेरों को जैसे-तैसे पार करते समय कई जगह पर ग्रामीण मरीज समेत फिसलते-फिसलते बचे। आखिरकार चार किलोमीटर का सफर तय कर मरीज को ग्रामीणों ने सुरक्षित करियां तक पहुंचाया।
यहां से आगे उन्हें निजी वाहन के जरिये मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया गया जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को दाखिल कर लिया गया है। ग्रामीणों को मलाल है कि कई बार शासन-प्रशासन से मिलने के बाद भी करियां से तड़ग्रां के लिए रावी पर घरूरू को दोबारा स्थापित नहीं किया जा रहा है। गुस्साए ग्रामीणों ने साफ किया है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ग्रामीणों की समस्या का समाधान करने के लिए उचित प्रयास नहीं किए तो वे मजबूरन परिवार के साथ सड़कों पर उतरने के लिए विवश हो जाएंगे। ग्रामीणों होशियार सिंह, सनी कुमार, विद्याप्रसाद, बंटी, चमन सिंह, ओंकार सिंह, सोनू, गोपाल सिंह, मौजू, रूमाल सिंह, बबलू, महिंद्र सिंह, दियाल सिंह, रिंकू, बृज सिंह, बबलू, ओम सिंह और बालकृष्ण ने बताया कि भड़ियांकोठी पंचायत के तहत आते गांव तडग्रां, कुपाहड़ा, न्येड, डुगली, घराणी, खोटू, कोलका, झडैए की 300 आबादी के लिए रावी नदी पर बना घरूरू सबसे बेहतरीन साधन रहा है लेकिन, यह बीते दिनों हुई भारी बारिश की भेंट चढ़ चुका है। इतना ही नहीं, गांव के लिए बनाई गई सड़क भी भारी भूस्खलन से जगह-जगह बाधित पड़ी हुई है। उपमंडलाधिकारी अरुण शर्मा ने बताया कि समस्या ध्यान में लाई है। ग्रामीणों की समस्या का जल्द समाधान करवाने के लिए उचित प्रयास किए जाएंगे।