चंबा। शहर का ऐतिहासिक सूही माता मेला इस बार बिना बंदिशों के आयोजित होगा। 11 अप्रैल से मेले का आगाज होगा, जबकि 13 अप्रैल को पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत मेले का समापन किया जाएगा। कोरोना के मामले घटने पर दो साल बाद सूही माता मेले का आयोजन होने जा रहा है।
लोगों में भी मेले को लेकर खासा उत्साह है। मेले के आयोजन को लेकर नगर परिषद और प्रशासन ने समस्त तैयारियां पूरी कर ली हैं। मेले में इस बार पारंपरिक परिधानों को लेकर फैशन शो आयोजित करने पर भी विचार-विमर्श किया जा रहा है। इसके अलावा मेले के दौरान सूही माता मंदिर में तीन दिन तक भंडारों का भी आयोजन किया जाएगा। मेले के दौरान माता के पद चिह्नों को सूही माता मंदिर और मलूणा स्थित समाधि में दर्शन के लिए रखा जाएगा। मेले का शुभारंभ राज कन्या की ओर से किया जाएगा। गौरतलब है कि गत दो वर्षों में मेले का आयोजन धूमधाम से नहीं हो पाया है। कोरोना महामारी इसकी वजह रही। मात्र रस्म अदायगी तक ही यह मेला सीमित रह गया। इस बार कोरोना के मामले काफी कम होने पर सरकार और प्रशासन ने बंदिशें भी हटा दी हैं।
रानी सुनयना ने दिया था बलिदान
चंबा की रानी सुनयना ने पानी की कमी को पूरा करने के लिए समाधि ली थी। रानी की याद में ही यह मेला हर साल मनाया जाता है। मेले में महिलाएं पारंपरिक परिधानों में तैयार होकर रानी के बलिदान को याद करती हैं।
नगर परिषद चंबा की अध्यक्ष नीलम नैयर ने बताया कि मेले के आयोजन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कहा कि मेला इस बार धूमधाम से मनाया जाएगा। उन्होंने लोगों से आह्वान किया है कि मेले में बढ़-चढ़ कर भाग लें।