चंबा/बनीखेत। जिला कोविड अस्पताल चंबा से टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किए गए कोरोना मरीज की मौत का स्वास्थ्य विभाग को दस दिन बात पता चला। कोविड से मरने वालों का आंकड़ा पिछले दस दिन से स्वास्थ्य विभाग की ऑनलाइन रिपोर्ट में 170 ही दर्शाया जा रहा था जबकि, बुधवार शाम को विभाग ने इस आंकड़े को बढ़ाकर 171 कर दिया। अचानक कोविड से मौत का आंकड़ा बढ़ने पर लोग संबंधित विभाग के अधिकारियों को फोन करके पूछने लगे तो अधिकारियों ने उन्हें जवाब दिया कि यह मौत दस दिन पहले समोट स्वास्थ्य खंड के तहत हुई है। इसके बारे में संबंधित अधिकारी ने उच्चाधिकारी को सूचना नहीं दी। इसमें विभाग की बड़ी लापरवाही देखने को मिली है।
जानकारी के अनुसार चार मार्च को सीएचसी समोट में एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाया गया। वह अन्य बीमारियों से भी पीड़ित था, जिसे उपचार के लिए चुवाड़ी अस्पताल भेजा गया। यहां से उसे कोविड अस्पताल चंबा रेफर कर दिया गया। सात मार्च को चंबा के चिकित्सकों ने उसे टांडा रेफर कर दिया। जब एंबुलेंस के जरिये मरीज को टांडा ले जाया जा रहा था तो लाहडू के पास वह बेसुध हो गया। एंबुलेंस कर्मचारी उसे जांच के लिए समोट ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया लेकिन, स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारी के पास कोविड से मरने वाले मरीज की रिपोर्ट नहीं पहुंची। इसके चलते दस दिन से विभाग की ऑनलाइन रिपोर्ट में कोविड से मरने वालों का आंकड़ा गलत दर्शाया जा रहा था। बुधवार को इस आंकड़े को विभाग ने दुरुस्त किया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर हरित पुरी ने बताया कि स्वास्थ्य खंड समोट की तरफ से इसकी सूचना समय पर नहीं दी गई। इसके चलते ऑनलाइन कोविड से मरने वाले की सूचना अपडेट नहीं हो पाई।