चंबा। दिन : सोमवार। स्थान: न्यू बस अड्डा चंबा। समय सुबह 10:30 बजे। बस स्टैंड में यात्री अलग-अलग जगह बैठकर अपने रूटों की बसों का इंतजार कर रहे हैं। बस स्टैंड में लगातार यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है। समय के मुताबिक बसें अपने काउंटर पर नहीं लग रही हैं। इससे यात्री परेशान दिख रहे हैं। कुछ यात्री काफी देर तक बस का इंतजार करने के बाद अड्डा प्रभारी के कक्ष में पहुंचकर बसों को लेकर पूछताछ कर रहे हैं।
संतोषजनक जवाब न मिलने पर यात्री वापस बस स्टैंड में लगाए गए बेंचों पर बैठ जाते हैं। 11:30 बजे अड्डा प्रभारी कार्यालय में मौजूद चालक-परिचालक बसों की समयसारणी की जानकारी हासिल कर रहे हैं। अधिकतर रूटों पर बसें न जा पाने के मामले पर भी चर्चा हो रही है। इसी बीच खज्जियार के लिए बस की पूछताछ के लिए यात्री पहुंचते हैं।
11:45 बजे पर बसों की उपलब्धता न होने के बाद निजी बसों की ओर यात्रियों की भीड़ बढ़ रही है। यात्री ठहराव कॉर्नर में लोग बच्चों सहित बसों का इंतजार घंटों से कर रहे हैं। दोपहर बाद 01:45 मिनट पर बालू में कॉलेज विद्यार्थी बसों का इंतजार कर रहे हैं। 15 मिनट सरकारी बस का इंतजार करने के बाद एक निजी बस आती है। इसमें विद्यार्थी सवार होते हैं। कुल मिलाकर मंडी में प्रधानमंत्री की रैली का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ा। प्रदेश सरकार के चार साल के कार्यकाल पूरा होने के जश्न में 62 बसें बुक हैं। इसके चलते चंबा में सरकारी बस सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई। यात्रियों को काफी देर सरकारी बस सेवा का इंतजार करना पड़ा। बावजूद इसके उन्हें निजी बसों से ही अपने गंतव्यों की ओर रवाना होना पड़ा।
इन रूटों पर ही दौड़ीं सरकारी बसें
बसों की कमी के चलते सोमवार सुबह करीब 11 बजे तक चंबा-संघणी, चंबा-लंगेरा, चंबा-बैरागढ़, चंबा-सनवाल, चंबा-शिमला सुपरफास्ट, माणी-झुलाड़ा, सिल्लाघ्राट के लिए सात बसें दौड़ पाई थीं।
सुबह के समय ये रूट हुए प्रभावित
साढ़े चार बजे चंबा-शिमला, साढ़े पांच बजे चंबा-मंडी, 5:40 बजे चंबा न्याग्रां, 6:30 बजे चंबा- सिल्लाघ्राट, 6:45 बजे चंबा-साहो-प्रौथा, 9:20 बजे चंबा-चिंतपूर्णी, 9:55 बजे चंबा-पठानकोट, 10:20 बजे भरमौर-इंदौरा, 11:15 बजे चंबा-सनवाल, 11:30 बजे चंबा-मनाली, दोपहर 12:00 बजे भड़ेला, चंबा-बिहाली, 12:55 बजे चंबा लंगेरा रूट पर बसें नहीं दौड़ पाईं।
आरएम चंबा राजन जम्वाल का कहना है कि 62 बसें मंडी रैली के लिए बुक थीं। इस वजह से करीब साठ रूट प्रभावित हुए। कहा कि निगम की ओर महत्वपूर्ण रूटों पर एक से दो बसें भेजी गईं।
लोगों को हुई परेशानी : लच्छो
यात्री लच्छो राम का कहना है कि सोमवार को बस स्टैंड चंबा में निजी बसें ज्यादा दिखीं, जबकि एचआरटीसी की बसें काफी कम नजर आईं। इससे उन्हें काफी परेशानी हुई।
बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए थी : दुर्गो
दुर्गो देवी का कहना है कि वह खज्जियार के लिए बस का इंतजार कर रही थी। लेकिन, बस न मिलने से परेशानी हुई। एचआरटीसी को बसों की बुकिंग होने पर बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए थी।
निजी बसों से करनी पड़ी आवाजाही : कमलो
कमलो का कहना है कि सरकार के जश्न के चलते यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। सरकारी बसों की बजाय उन्हें निजी बसों में आवाजाही करनी पड़ी।
देरी से पहुंचे अपने घर : मोनिका
मोनिका का कहना है कि सरकार के चार साल के कार्यकाल के जश्न से यात्रियों को दिक्कतें हुईं। बसें न मिलने के कारण वह घरों में देरी से पहुंचे।