चंबा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने अपने पहले बजट में ही हिमाचल में व्यवस्था परिवर्तन की नींव रख दी है। इसका लाभ प्रदेश के सभी वर्गों को मिलेगा। साथ ही विकास की दृष्टि से भी यह पहाड़ी राज्य विकसित होगा। यह बात हिमाचल प्रदेश राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राज्य उपाध्यक्ष ठाकुर ब्रह्मानंद ने जिला मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश की जनता को कांग्रेस ने जो दस गारंटियां दी थीं। उनमें से दो गारंटियों को पूरा करने की इस बजट में व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की मातृ शक्ति को कांग्रेस सरकार ने प्रथम चरण के माध्यम से डेढ़ हजार रुपये मासिक देने की जो व्यवस्था की है उससे प्रदेश की डेढ़ लाख महिलाएं लाभान्वित होंगी। कहा कि हिम गंगा योजना के तहत राज्य के दुग्ध उत्पादकों को दूध के उचित मूल्य की व्यवस्था के साथ स्वरोजगार की दिशा में बेरोजगारों को प्रोत्साहित करने के लिए महज चार प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मुहैया करवाने और विभिन्न सरकारी संस्थानों में हजारों पदों को भरने की व्यवस्था भी बजट में की गई है। अनाथ बच्चों की तकनीकी शिक्षा का पूरा खर्चा सरकार की ओर से वहन करने की बजट में व्यवस्था की गई है। प्रदेश की 20 लाख मेधावी छात्राओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदने के लिए 25,000 का अनुदान देने और छोटे दुकानदारों, रेहड़ी फड़ी धारकों को कारोबार के लिए 50,000 रुपये का ऋण महज चार प्रतिशत ब्याज दर पर देने की व्यवस्था करके छोटे कारोबारियों को राहत पहुंचाने की दिशा में सराहनीय कदम है। इसके अलावा लंबे समय से मनरेगा की दिहाड़ी में बढ़ोतरी करने की मांग को भी मुख्यमंत्री ने अपने पहले बजट में पूरा करके प्रदेश के दस लाख मनरेगा दिहाड़ीदारों को राहत पहुंचाने का कार्य किया है। कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने जन्मदिन से पूर्व हिमाचलवासियों को जनकल्याणकारी बजट पेश करके जन्मदिन का तोहफा दिया है।