बार-बार फोन करने के बाद भी नहीं हुए उपस्थित, टीम ने तीन दिन तक खंगाला जंगल
पहले हुई विभागीय जांच के अनुसार ही फ्लाइंग स्क्वायड को मिले जंगल में नतीजे
हैंबर लगे मिले पेड़ों के ठूंठ, बिना हैंबर वाले ठूंठों पर भी मिला विभागीय रिकॉर्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। कथित अवैध कटान की जांच करने में धर्मशाला से आई फ्लाइंग स्क्वायड की टीम को शिकायत कर्ता का सहयोग नहीं मिला। दो दिन तक टीम जंगल में जांच करने के लिए शिकायत कर्ता को बुलाती रही लेकिन साथ चलने के बजाय वह टालमटोल करते नजर आए। शुक्रवार शाम को टीम ने अपनी जांच पूरी की और धर्मशाला के लिए प्रस्थान किया। उनकी जांच में किसी प्रकार का अवैध कटान सामने नहीं आया है। वन विभाग की टीम और फ्लाइंग स्क्वायड की जांच में कोई अंतर नहीं देखने को मिला। विभागीय टीम ने गंभीर जंगल में हैंबर लगे 2000 से अधिक पेड़ों के ठूंठ चिह्नित किए थे। इसके अलावा 250 टीडी और 60 पेड़ों के ठूंठ ऐसे थे जिन्हें स्थानीय लोगों को अंतिम संस्कार के लिए विभागीय अनुमति से जारी किया गया था। जब तीन दिन तक फ्लाइंग स्क्वायड की टीम ने जंगल को खंगाला तो उन्हें भी जंगल में हैंबर लगे पेड़ों के ठूंठ बरामद हुए।
जांच में किसी प्रकार की लापरवाही न रह जाए, इसके लिए टीम बार-बार शिकायत कर्ता को फोन कर बुलाती रही ताकि उन सभी स्थानों पर जाकर जांच की जा सके जहां शिकायत कर्ता को अवैध कटान होने की संभावना थी। शिकायत कर्ता ने जांच का हिस्सा बनना जरूरी नहीं समझा। इतना ही नहीं, इस जांच प्रक्रिया में नवनिर्वाचित पंचायत प्रधान भी शामिल रहे। उन्होंने भी जांच पर अपनी सहमति जताई। उन्होंने यह भी कहा कि यह कथित अवैध कटान सोची समझी साजिश थी। ग्रामीण पहले ही बोल रहे थे कि उनके क्षेत्र में कोई अवैध कटान नहीं हुआ है।
फ्लाइंग स्क्वायड धर्मशाला डीएफओ डीएस डढवाल ने बताया कि अपनी जांच पूरी कर लौट चुकी है। शिकायत कर्ता ने जांच प्रक्रिया में भाग नहीं लिया। सोमवार को रिपोर्ट सरकार को भेज दी जाएगी।