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दिवाली को सुरक्षित बनाने में 12 घंटे ड्यूटी देंगे दमकल कर्मी

Fri, 21 Oct 2016 06:40 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, (चंबा)
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चंबा में दमकल कर्मी ड्यूटी पर। - फोटो : अमर उजाला
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सुरक्षित दिवाली मनाने की तैैयारी अग्निशमन विभाग ने शुरू कर दी है। अब तक छह-छह घंटे की चार शिफ्टों में काम करते आ रहे अग्निशमन विभाग के कर्मचारी दिवाली के दौरान पूरे सप्ताह भर दो शिफ्टों में काम करेंगे।
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12-12 घंटे की इस ड्यूटी में एक बार में करीब 12 कर्मचारी मौजूद रहेंगे। जिनमें चार चालक, एक लीडिंग फायरमैन, फायरमैन व गृृृहरक्षक होंगे। अग्निशमन विभाग ने यह तैयारी चंबा शहर में आगजनी की घटनाओं को देखते हुए की है। दिवाली के दौरान अग्निशमन के सभी कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी हैं।

चंबा शहर में पिछले पांच साल में आगजनी की करीब आधा दर्जन घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें दो लोगों की मौत के अलावा करोड़ों रुपये की संपत्ति स्वाह हुई है। आगजनी की इन घटनाओं से निपटने के लिए गाड़ियां चौबीस घंटे पानी से भरी रहेंगी।
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अग्निशमन विभाग के लिए चंबा में सुरक्षित दिवाली का एहसास कड़ी चुनौतियों से भरा है। शहर पहाड़ी पर बसा है जिसका ज्यादातर हिस्सा ऊपरी तरफ है और यहां अग्निशमन विभाग की बड़ी गाड़ियां नहीं पहुंच सकती हैं। शहर के लिए सबसे बड़ी खतरे की घंटी यहां की हाइड्रेंट प्रणाली का ठप होना है। चंबा शहर में रियासत काल में हाइड्रेंट प्रणाली शुरू की गई थी। उसके 102 हाइड्रेंट में से 98 जाम को चुके हैं यह आपात स्थिति में किसी काम के नहीं बचे हैं। बहरहाल, तैयारियां भले ही विभाग ने शुरू कर दी हैं लेकिन चुनौतियों से पार पाना आसान नहीं होगा। यदि कोई घटना होती है तो हाइड्रेंट से विभाग को मदद नहीं मिल पाएगी।

खुली जगह में जलाएं पटाखे : कैलासो राम
अग्निशमन विभाग के प्रभारी कैलासो राम का कहना है कि अग्निशमन विभाग ने शिफ्ट चेंज कर दी है। अब दो ही शिफ्टें होंगी इसके अलावा छुट्टियां भी रद्द कर दी हैं। अग्निशमन विभाग पूरी मुस्तैदी के साथ सुरक्षित दिवाली के लिए प्रयासरत है। लोगों से भी आह्वान है कि वे पटाखे खुली जगह में जलाएं।

चंबा शहर में चौगान, सुराड़ा, जनसाली और कसाकड़ा वार्ड अति संवेदनशील दायरे में हैं। यह वे वार्ड हैं जहां पिछले कुछ सालों में कभी न कभी आगजनी की घटना हुई है। कसाकड़ा में आगजनी से दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। जनसाली और सुराड़ा समेत अन्य वार्ड तंग गलियों और अग्निशमन विभाग की पहुंच न होने की वजह से संवेदनशील के दायरे में हैं।
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