कियाणी से तलेरू तक रावी को खंगालते रहे गोताखोर्र
तेज बहाव और नदी तल में जमा मलबा बना बड़ी चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। रावी नदी में अपने बेटे को फेंकने के आरोप में गिरफ्तार पिता को अदालत ने 22 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी को दोबारा अदालत में पेश किया, जहां से उसे 22 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए गए। उधर, रावी में लापता बच्चे की तलाश में वीरवार को चलाया गया अभियान देर शाम रोकना पड़ा। तेज बहाव और नदी के तल में जमा भारी मलबे व बड़े पत्थरों के ढेर ने गोताखोरों के लिए तलाशी अभियान को बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया।
वीरवार को पुलिस की अगुवाई में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के गोताखोरों ने कियाणी से तलेरू तक रावी नदी को खंगाला। टीम ने बच्चे के नदी में बहने की संभावित जगहों और आसपास के हिस्सों में गहन तलाशी ली। गोताखोरों ने नदी के भीतर उतरकर कई स्थानों को जांचा, लेकिन देर तक अभियान चलाने के बावजूद बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल पाया।
नदी की सतह पर तेज बहाव के साथ ही तल पर जगह-जगह भारी मलबा और बड़े-बड़े पत्थर जमा हैं। पानी के भीतर इनसे टकराने के कारण गोताखोरों के चोटिल होने का खतरा बना रहा। इसके बावजूद बचाव दल ने काफी देर तक तलाश जारी रखी। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों में नदी के भीतर ज्यादा देर तक अभियान चलाना जोखिम भरा होने के कारण इसे फिलहाल रोक दिया गया।
अब बचाव दल को रावी का जलस्तर कम होने का इंतजार है। पानी का बहाव कम होने के बाद नदी के तल में व्यापक स्तर पर दोबारा तलाशी अभियान चलाए जाने की संभावना है। पुलिस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीम बच्चे की तलाश के लिए उपलब्ध संसाधनों के साथ लगातार प्रयास कर रही है।
पुलिस ने आरोपी पिता के कथित कबूलनामे के बाद उसे गिरफ्तार किया था। पूछताछ और अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि आरोपी पिता को 22 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के गोताखोरों ने कियाणी से तलेरू तक रावी नदी का कोना-कोना छान मारा है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और बच्चे की तलाश के लिए आगे भी अभियान चलाया जाएगा।