चंबा। हृदय रोगियों को ईको टेस्ट के लिए चार से पांच हजार रुपये खर्च नहीं करने पड़ेंगे। चंबा मेडिकल कॉलेज में ईको टेस्ट की सुविधा शुरू कर दी गई है।
हिमकेयर और आयुष्मान कार्ड धारक मरीज मुफ्त में ईको टेस्ट करवा सकते हैं। अन्य मरीज 220 रुपये देकर टेस्ट करवा सकते हैं। हृदयरोग का समय पर पता लगाने के लिए ईको टेस्ट महत्वपूर्ण होता है। विशेषज्ञ हृदय की बीमारी से संबंधित मरीज को सबसे पहले यही टेस्ट करवाने का परामर्श देते हैं। चंबा में ईको टेस्ट की सुविधा नहीं थी। मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए पठानकोट जाना पड़ता था। वहां टेस्ट के बदले में चार से पांच हजार रुपये फीस ली जाती थी। आने और जाने का किराया अलग से खर्च करना पड़ता था। गरीब मरीज टेस्ट की फीस का जुगाड़ नहीं होने के कारण यह टेस्ट नहीं करवा पाते थे। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने मरीजों की समस्या को ध्यान में रखते हुए पहले ईको टेस्ट मशीन खरीदी। उसके बाद टेस्ट करने के लिए मेडिसन विभाग के एचओडी डॉ. पंकज को विशेष प्रशिक्षण दिलवाया। अब सप्ताह में दो दिन मेडिसन विभाग के एचओडी मरीजों के ईको टेस्ट कर रहे हैं।
एक मरीज का ईको टेस्ट करने में डेढ़ घंटे का समय लग सकता है। महीने में 150 मरीज ईको टेस्ट मुफ्त करवा रहे हैं। ईको टेस्ट की सुविधा चंबा में शुरू होने के बाद मरीजों को अपना इलाज करवाने में काफी सुविधा मिल रही है। हृदय जांच शिविर के दौरान जिले हृदयरोग से पीड़ित सैकड़ों मरीज सामने आते हैं, लेकिन इन मरीजों को शिविर में मात्र स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिलती है। इलाज करवाने के लिए उन्हें जिले के बाहर जाना पड़ता है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में ईको टेस्ट शुरू होने से मरीजों काफी राहत मिली है।
मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉक्टर पंकज गुप्ता ने बताया कि सप्ताह में दो दिन मरीजों के ईको टेस्ट किए जा रहे हैं। ईको टेस्ट शुरू होने से हृदय की बीमारी वाले मरीजों को काफी राहत मिली है। हिमकेयर और आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों का टेस्ट मुफ्त किया जा रहा है।