सिविल अस्पताल तीसा में हड़ताल के दौरान रोष प्रकट करते डॉक्टर।
- फोटो : Chamba
तीसा (चंबा)। सिविल अस्पताल तीसा में चिकित्सकों की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। रविवार को सीएचसी तीसा में चेकअप करवाने के लिए आने वाले मरीजों की आमद कम रही। मगर सुबह 9 बजे इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को साढ़े ग्यारह बजे ही उपचार मिल सका। इसके बाद वे दवाइयां लेकर घरों को लौटे।
डॉ. दीकांक्षी, डॉ. अमर, डॉ. नीतिश, डॉ. विवेक, डॉ. आकांक्षा और डॉ. निखिल ने बताया कि चिकित्सक विभिन्न विसंगतियों को दूर करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा चिकित्सकों ने सरकार से मांग उठाई कि उन्हें पंजाब वेतन आयोग की तर्ज पर पे की लिमिट 2,17,600 से 2,36,600 की जाए। चिकित्सकों की पदोन्नति में काफी सीमित विकल्प होने की वजह से एसपीएस की 4-9-14 की स्कीम को दोबारा शुरू किया जाए। प्रदेश के चिकित्सकों को पंजाब की तर्ज पर पीजी भत्ता मिले।
एनपीए को भी 25 प्रतिशत रखा जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अपना पे-कमीशन बना रही है और अफसरशाही के चक्कर में पंजाब पे-कमीशन को आधा-अधूरा और भेदभावपूर्व तरीके से लागू किया जा रहा है। इस कारण चिकित्सकों में भारी आक्रोश है। इस व्यवस्था से नए चिकित्सकों पर एनपीए न लागू करके उसे करीब 60 प्रतिशत पे-स्केल पर काम शुरू करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने जल्द उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।