चंबा। त्योहारी सीजन में जहां जिले के बाजारों में रौनक बढ़ गई है, वहीं ड्राई फ्रूट की मांग भी चरम पर है, लेकिन ग्राहकों को कीमतों में कोई राहत नहीं मिल रही। केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी दरों में कटौती किए जाने के बावजूद चंबा बाजार में ड्राई फ्रूट पुराने ही दामों पर बिक रहे हैं। गृहणियों और आम उपभोक्ताओं का कहना है कि सरकार की ओर से राहत की घोषणा जरूर हुई, लेकिन इसका असर जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रहा। व्यापारी वर्ग का कहना है कि उन्हें अमृतसर से जो माल आ रहा है, उसमें पुराने रेट के ही स्टिकर लगे हैं। दुकानदारों के अनुसार जब तक पुराने स्टॉक समाप्त नहीं होते और कंपनियां नए रेट स्टिकर के साथ पैकिंग नहीं करतीं, तब तक कीमतों में बदलाव संभव नहीं है। त्योहारी सीजन में ग्राहक बढ़े हैं, लेकिन उन्हें अभी भी महंगे दामों पर ही खरीदारी करनी पड़ रही है।
त्योहारी सीजन में ड्राई फ्रूट गरी, छुआरे, काजू, बादाम और किसमिस के दामों में कोई भी कमी नहीं हुई है। केंद्र सरकार ने जीएसटी कटौती के बाद दाम होने की बात कही, लेकिन यह बात शिगूफा साबित हुई। मेहनाज, गृहिणी
बाजार में किसमिस 350 रुपये से लेकर 600 रुपये प्रति किलो, बादाम 650 से 1,000 रुपये प्रति किलो, काजू 600 से 1,400 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिल रहे हैं। बीते साल भी मैंने इन्हीं दामों पर सामान खरीदा है। बीना देवी, गृहिणी।
अमृतसर की मंडी से ही जिले में खाद्य सामग्री की सप्लाई पहुंचती है। ड्राई फ्रूट के दाम में कटौती नहीं हुई है। पुराने दर के हिसाब से ही ग्राहकों को सामान बेचना पड़ रहा है। संजीव मैहरा, दुकानदार
मंडियों से जिस दर से सामान खरीदा गया है। उसी के हिसाब से आगे ग्राहकों को बेचा जा रहा है। नई पैकिंग में सामान के दाम में कटौती होने की उम्मीद है। पंकज कुमार, दुकानदार