चंबा। जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामलों को लेकर प्रशासन एक बार फिर एक्शन मोड में आ गया है। उपायुक्त डीसी राणा ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि लोगों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए बाजार में कोरोना कर्फ्यू के दौरान की पुरानी यातायात व्यवस्था बनाई जाए। उन्होंने साफ किया है कि रात आठ बजे के बाद खुली दुकानों और रेहड़ी-फड़ी संचालकों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए।
कहा कि जिले में कोविड-19 निगरानी समिति से संबंधित अधिकारी प्रत्येक सप्ताह अपने कार्यक्षेत्र का दौरा करेंगे और कोविड संक्रमण की मौजूदा स्थिति, स्थानीय स्तर पर उपाय और रोकथाम में आ रही चुनौतियों के बारे में भी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।
उन्होंने कहा कि जो लोग यात्रा कर रहे हैं, वे अधिकांश संक्रमित हो रहे हैं और संक्रमण दोबारा गांवों में पहुंच रहा है। बस स्टैंड में मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के लिए भी पुलिस बल तैनात किए जा रहे हैं। पुलिस विभाग जिले के बैरियर्स पर पर्यटकों और वाहनों की गणना के साथ पर्यटकों से कोविड-उपयुक्त व्यवहार की अनुपालना भी सुनिश्चित बनाएंगे।
दुकानदारों को वैक्सीनेशन की पहली डोज जरूरी
जिला स्तरीय कोविड निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीसी ने जिला व्यापार मंडल, होटल, होम स्टे, गेस्ट हाउस, ढाबा रेहड़ी-फड़ी संचालकों और दुकानदारों से अपील की है कि संक्रमण की रोकथाम के लिए वैक्सीनेशन की पहली डोज की रिपोर्ट भी अनिवार्य की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि उल्लंघन की सूरत में नो मास्क नो सर्विस की तर्ज पर नो वैक्सीनेशन नो सर्विस भी लागू की जा सकती है। कहा कि जिले में संक्रमण बढ़ रहा है। लोग बाजार और चंबा चौगान में बेवजह घूम रहे हैं। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण सचिव पंकज गुप्ता ने जिले में संगठित और गैर संगठित क्षेत्र में जुटे कामगारों का टीकाकरण सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए।