पुलिस ने नाबालिग के अपहरण और उसे बंधक बनाने के आरोप में भगोड़े अपराधी को पंजाब के गुरदासपुर जिला के दीनानगर से दबोचने में सफलता हासिल की है। अपराधी की पहचान शेरू पुत्र जुम्मन निवासी तीसा के रूप में हुई है।
शेरू पर चुराह की चरड़ा पंचायत के गुवाड़ी गांव से नाबालिग का अपहरण करने और बंधक बनाकर रखने का आरोप था। शेरू पर कुछ अन्य के साथ मिलकर सुनियोजित तरीके से नाबालिग का अपहरण कर बंधक बनाने को लेकर वर्ष 2011 में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले में नामजद अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर नाबालिग को छुड़ाने में कामयाबी हासिल की थी लेकिन शेरू गिरफ्तारी के डर से लापता हो गया। बाद में अदालत ने वर्ष 2012 में शेरू को भगोड़ा करार दे दिया। पुलिस तभी से शेरू की तलाश कर रही थी।
पीओ सैल की टीम को शेरू के दीनानगर में होने की पुख्ता सूचना मिली। पीओ सैल के मुख्य आरक्षी हामिद मोहम्मद, देवराज, मुख्य मानक आरक्षी चमन और आरक्षी रविंद्र की टीम ने दीनानगर में दबिश देकर शेरू को दबोचने में कामयाबी हासिल की। टीम ने शेरू को चंबा में अदालत में पेश किया। अदालत से रिमांड मिलने के बाद पुलिस टीम शेरू से पूछताछ में जुट गई है। उधर, डीएसपी वीर बहादुर ने दीनानगर से अदालत द्वारा भगोड़े अपराधी के पकडे़ जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अदालत ने अपराधी को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अदालती अवमानना को लेकर शेरू के खिलाफ तीसा थाना में 174 ए के तहत एक और मामला भी दर्ज कर लिया गया है।