चुराह (चंबा)। चुराह महोत्सव के दौरान एक स्कूल के विद्यार्थियों की प्रस्तुति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के पदाधिकारियों और अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया है कि महोत्सव के मंच से आरक्षण के विरोध में आपत्तिजनक और गैर-संवैधानिक संदेश देने वाली प्रस्तुति करवाई गई।
उन्होंने मामले में एसडीएम चुराह को ज्ञापन सौंपने के साथ हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष को ईमेल के माध्यम से शिकायत भेजकर जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष त्रिलोक सिंह ने आरोप लगाया कि 10 जुलाई को आयोजित एकल नाटक में 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों से ऐसे संवाद बुलवाए गए। उनका आरोप है कि प्रस्तुति में आरक्षण के संबंध में ऐसे संवाद और संदेश प्रस्तुत किए गए, जिन्हें वे संविधान की भावना के विपरीत मानते हैं।
शिकायतकर्ताओं ने प्रस्तुति का वीडियो भी प्रशासन को सौंपते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। प्रमोद कुमार सहित अन्य लोगों ने मेला समिति और संबंधित विद्यालय के शिक्षकों पर जातीय सौहार्द प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए मेला समिति को भंग करने और नाटक तैयार करने वाले शिक्षकों को निलंबित करने की मांग की है।
उन्होंने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उधर, एसडीएम चुराह राजेश कुमार ने बताया कि मामले की शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने शिक्षकों से जुड़े मामले में खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।