पांगी (चंबा)। पंगवाल स्नो फेस्टिवल कार्यक्रम के दौरान सेचू वैली के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सेचू के प्रांगण में रविवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। किलाड़ मुख्यालय में भी सोमवार को इसी कड़ी में स्थानीय व्यंजनों का लोगों ने भरपूर मजा लिया। स्थानीय उत्पादों की लगी प्रदर्शनी और प्रदेश सरकार की विभिन्न विभागों की कल्याणकारी और विकासात्मक योजनाओं से लोगों को रूबरू करवाया गया। आवासीय आयुक्त पांगी बलवान चंद ने कहा कि जनजातीय क्षेत्र पांगी उपमंडल को भी पर्यटन की दृष्टि से उजागर करने के उद्देश्य से पंगवाल समाज की कला, संस्कृति और स्थानीय उत्पादों को एक विशेष पहचान दिलाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि किलाड़ मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर रमणीक स्थल सेचू वैली अपने अपार नैसर्गिक सौंदर्य को समेटे हुए है। शांत सुरमई वादियों में वन्य प्राणी अभ्यारण्य सेचू नाला बर्फानी तेंदुए, भूरे और काले भालू तथा वन्य प्राणी सहज रूप से विचरते देखे जा सकते हैं। स्नो फेस्टिवल में मुख्य अतिथि के रूप में जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य राजकुमार ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन का पंगवाल संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन करने के लिए धन्यवाद किया। कार्यक्रम में पूर्व जनजाति सलाहकार परिषद के सदस्य भानी चंद ठाकुर ने भी शिरकत की। कार्यक्रम में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सेचूनाला और डिग्री कॉलेज किलाड़ के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। छात्रों ने बर्फ से कई आकृतियां भी अंकित कीं। विशेष रूप से स्थानीय व्यंजनों को लेकर स्टाल और वेशभूषा मुख्य आकर्षण रहे। इसमें स्थानीय उत्पादों काला जीरा, कुठ, सालम पंजा, मीठी वह कड़वी पतीश, चुरा, धूप, हर्बल चाय पत्ती (संगतंग), जंगली लहसुन और भोज पत्र जैसी वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई गई। कार्यक्रम में खेल प्रतियोगिताओं में स्थानीय तीरंदाजी, वालीबॉल जलेबी रेस, स्पून रेस, जेवलिंग थ्रो आदि खेलों का आयोजन हुआ।