चंबा। प्रदेश सरकार एक तरफ बेहतर शिक्षा के दावे कर रही है तो वहीं, आकांक्षी जिला चंबा के 28 सरकारी स्कूलों को अपने भवन नसीब नहीं हो पाए हैं। इसके चलते नौनिहालों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में स्थिति यह है कि एक-एक कमरे में पांच-पांच कक्षाएं बैठाई जा रही हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि इसके बारे में सरकार को अवगत करवाकर रिपोर्ट भी भेजी गई है।
जानकारी के मुताबिक जिले में 12 माध्यमिक पाठशालाएं हैं, जिनके पास अपने भवन नहीं हैं। वहीं, दूसरी तरफ करीब 16 पाठशालाएं ऐसी हैं, जिन्हें काफी समय से अपने भवनों का इंतजार है। करीब पांच साल का समय बीत चुका है लेकिन इन स्कूलों को आज दिन तक अपने भवन नसीब नहीं हो पाए हैं। पांच कक्षाओं को एक या दो कमरों में पढ़ाना पड़ रहा है। माध्यमिक स्कूलों में भी स्थिति बेहतर नहीं है। गौरतलब है कि प्राथमिक स्कूलों में जहां पहली से पांचवीं तक कक्षाएं चल रही हैं तो वहीं, कुछेक स्कूलों में प्री प्राइमरी की कक्षाएं भी चल रही हैं। ऐसे में स्कूल प्रबंधन को कक्षाओं को एक साथ बैठाना पड़ रहा है। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान परेशानी हो रही है। कुल मिलाकर आकांक्षी जिले का दर्जा तो चंबा को मिल चुका है लेकिन अभी तक सरकारी स्कूल अपने भवनों को तरस रहे हैं। कार्यवाहक प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक चंबा ज्ञान चंद का कहना है कि यह मामला ध्यान में है। सरकार को इसके बारे में अवगत करवाया गया है। उम्मीद है कि सरकार जल्द इन स्कूलों को भवनों की सौगात देगी।