उपभोक्ता आयोग ने कहा- क्लच और ब्रेक पैड घिसने वाले पुर्जे, मैन्युफैक्चरिंग दोष साबित नहीं हुआ
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा और सदस्य नारायण ठाकुर की पीठ ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। टोयोटा फॉर्च्यूनर की क्लच असेंबली खराब होने पर मुआवजे की मांग को लेकर दायर उपभोक्ता शिकायत जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग चंबा ने खारिज कर दी है।
आयोग ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता वाहन में मैन्युफैक्चरिंग दोष या सेवा में कमी को साबित करने के लिए पर्याप्त तकनीकी साक्ष्य पेश नहीं कर सका। मामले में आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा और सदस्य नारायण ठाकुर की पीठ ने फैसला सुनाया।
मामले के अनुसार शिकायतकर्ता अनूप कुमार शर्मा ने नौ सितंबर 2022 को संत टोयोटा से फॉर्च्यूनर खरीदी थी। वाहन पर तीन वर्ष या एक लाख किलोमीटर की वारंटी थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि वाहन की क्लच प्लेट में कुछ समय बाद समस्या आने लगी। उन्होंने दावा किया कि पहली और दूसरी सर्विस के दौरान भी समस्या की शिकायत की गई, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं हुआ। 30 अगस्त 2023 को वाहन खराब होने के बाद उसे सर्विस सेंटर ले जाया गया। वहां क्लच असेंबली बदलने के लिए उनसे 40,044 रुपये लिए गए।
विपक्षी पक्ष ने शिकायत का विरोध करते हुए कहा कि सर्विस रिकॉर्ड में क्लच संबंधी शिकायत दर्ज नहीं थी। वाहन 26 अगस्त 2023 को सर्विस सेंटर पहुंचा था और उस समय ओडोमीटर की रीडिंग 12,684 किलोमीटर थी। तकनीकी जांच में क्लच प्लेट और ब्रेक पैड पूरी तरह घिसे पाए गए। इसे ड्राइविंग शैली और सामान्य उपयोग से होने वाली टूट-फूट बताया गया। विपक्षी पक्ष के अनुसार ऐसे घिसने वाले पुर्जे वारंटी के दायरे में नहीं आते।
आयोग ने माना कि क्लच प्लेट और ब्रेक पैड का घिसना वाहन के उपयोग, ड्राइविंग आदत और सड़क की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। शिकायतकर्ता मैन्युफैक्चरिंग दोष साबित करने के लिए विशेषज्ञ राय, मैकेनिकल निरीक्षण रिपोर्ट या अन्य तकनीकी साक्ष्य पेश नहीं कर पाया। ऐसे में आयोग ने सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार साबित नहीं होने पर शिकायत बिना किसी खर्च के खारिज कर दी।