चंबा। शहर के दुकानदारों के बिजली कनेक्शन काटने को लेकर नगर परिषद और विद्युत बोर्ड के बीच ठन गई है।
नगर परिषद का दावा है कि दुकानों को किराया न चुकाने वाले व्यापारियों के कनेक्शन काटने के लिए बिजली बोर्ड को पत्र लिखा गया है और बोर्ड ने अभी तक इस बारे में कोई कार्रवाई नहीं की है। वहीं, बिजली बोर्ड का दावा है कि नगर परिषद से इस बारे में अभी तक कोई पत्र नहीं मिला है।
नगर परिषद चंबा के 16.6 लाख रुपये की राशि किराये के रूप में दुकानदारों के पास फंसी है। दुकानदार किराया चुकाने में आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे में नप ने ऐसे दुकानदारों के बिजली कनेक्शन काटने के लिए 10 अक्तूबर को निर्देश दिए थे, मगर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। उधर, बोर्ड अभी पत्र न मिलने की बात कह रहा है।
जानकारी के अनुसार नगर परिषद चंबा ने शहर के 31 दुकानदारों को नोटिस जारी किए थे। इनमें 11 दुकानदारों ने राजीव गांधी शॉपिंग कांप्लेक्स में दुकानें किराये पर ले रखी हैं। बीस दुकानदारों ने अन्य जगह नगर परिषद की दुकानों के जरिये अपनी आजीविका अर्जित कर रहे है। नगर परिषद को किराये का भुगतान नहीं किया जा रहा है। हालांकि, नगर परिषद ने पहले मौखिक तौर पर भी इस बारे निर्देश जारी किए हैं, मगर अभी दुकानदारों ने कोई पहल नहीं की। बहरहाल, नगर परिषद ने इस माह के दूसरे सप्ताह में दुकानदारों के कनेक्शन काटने के संबंधित निर्देश जारी किए। साथ ही इस संदर्भ में एक पत्र बिजली बोर्ड के अधिकारियों को भी भेजने की बात कही, मगर यह पत्र अभी तक बिजली बोर्ड के कार्यालय में नहीं पहुंच पाया है।
बिजली बोर्ड के सहायक अभियंता हंस राज चौहान ने कहा कि इस बारे में कोई भी पत्र नगर परिषद चंबा की ओर से कार्यालय नहीं पहुंचा है। कहा कि अगर इस बारे में नगर परिषद पत्र भेजती है तो इस मामले में पत्र के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
नगर परिषद चंबा की उपाध्यक्ष सीमा कश्यप का कहना है कि अगर बिजली बोर्ड को पत्र नहीं मिला है तो दोबारा कार्यालय की ओर से पत्र बिजली बोर्ड को जारी किया जाएगा। कहा कि किन्हीं कारणों के चलते पहले जारी पत्र बोर्ड को नहीं मिल पाया होगा। कहा कि बैठक में इस बारे में निर्णय लिया गया था।