चंबा। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला के दौरान जो झूले चार नंबर चौगान से उखाड़े गए थे। आज तक ये झूले लग नहीं पाए हैं। अब हालात ऐसे हैं कि बच्चे घर पर मायूस बैठे रहते हैं तो प्रशासन का झूलों से खेलना जारी है। जानकारी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला से पहले नगर परिषद ने प्रशासन को झूले न उखाड़ने को लेकर प्रस्ताव भेजा था। नगर परिषद का दावा है कि प्रशासन की ओर से हर बार झूले तो उखाड़े जाते हैं। लेकिन, दोबारा नहीं लगाए जाते हैं। इसके बाद प्रशासन ने इन झूलों को उखाड़कर मेला खत्म होते ही लगाने का आश्वासन दिया था। अब चार महीने बीत गए हैं, न प्रशासन झूले लगा पा रहा है और न ही नगर परिषद इस मामले में कुछ कर रही है।
वहीं, यहां बच्चों के लिए एकमात्र खेलने का स्थान है। लेकिन, इस खींचतान के बीच बच्चे खेल से दूर हो रहे हैं। बच्चे यहां आकर उखड़े हुए झूलों को देखकर मायूस होकर लौट जाते हैं। वहीं, इसको लेकर शहरवासियों में भारी रोष है। उधर, नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैयर का कहना है कि उन्होंने पहले ही प्रशासन को चार नंबर चौगान से झूले न उखाड़ने के लिए प्रस्ताव भेजा था। अब प्रशासन ही झूलों को दोबारा लगाए।
हुडको कंपनी की ओर से चौगान में लगाने के लिए झूले दिए जाएंगे। एक माह के भीतर झूले मिलने पर उन्हें चौगान में स्थापित करवा दिया जाएगा।
मुकेश रेपसवाल, उपायुक्त चंबा