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Chamba News: लोकधुनों पर थिरका छतराड़ी, देर रात तक गूंजता रहा पंडाल

Mon, 21 Sep 2026 10:37 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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छतराड़ी जातर मेले की सांस्कृतिक संध्या में उमड़ी भीड़। संवाद
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कमल नेहरिया, अजय भरमौरी और निशा जरयाल ने बांधा समां, दर्शकों ने नृत्य और तालियों से बढ़ाया उत्साह
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शिव भजनों से शुरू हुई सुरों की महफिल, लोकगीतों की तान छिड़ी तो दर्शक भी बने जश्न का हिस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर, धरवाला (चंबा)। राज्यस्तरीय छतराड़ी जातर मेले की सांस्कृतिक संध्या में हिमाचली लोक संस्कृति के रंग खूब बिखरे।
लोक गायकों निशा जरयाल, अजय भरमौरी और कमल नेहरिया की प्रस्तुतियों ने ऐसा समां बांधा कि देर रात तक दर्शक पंडाल में डटे रहे। कलाकारों के लोकगीतों पर दर्शक झूमते रहे और तालियों से उनका उत्साह बढ़ाते रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत निशा जरयाल ने ‘शिव कैलासों के वासी’ भजन से की। इसके बाद उन्होंने ‘नचे धुडुआ’, ‘ऐंचली’, ‘निक्की जेई गोजरी’ और ‘तुलसों’ सहित कई लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए। उनकी प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं।
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इसके बाद अजय भरमौरी ने ‘इंद्रु नाग’ भजन के साथ मंच संभाला। ‘नागा खोल कुंडिया’, ‘हे देवा’, ‘गिरदा माई’ और ‘बनवासिया रामा’ जैसी प्रस्तुतियों से उन्होंने माहौल को भक्तिमय कर दिया। इसके बाद लोकगीतों की प्रस्तुति से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।
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सांस्कृतिक संध्या के स्टार नाइट कलाकार कमल नेहरिया ने ‘तेरे मणिमहेश से’ से प्रस्तुति का आगाज किया। इसके बाद ‘शिवा री जातरा’, ‘मेरेया भागसू नागा’, ‘भोले मेरे सामी’, ‘माता टाल वालिए’, ‘सामरिए नागे’, ‘देवी जालपा’ और ‘सृष्टि री रचना’ जैसे भजनों से समां बांधा। लोकगीतों में ‘लोभिया’, ‘ढोलकू री ताना’, ‘नार पराई’ और ‘संसारो’ ने दर्शकों को खूब झुमाया। देर रात तक पंडाल तालियों और लोकधुनों से गूंजता रहा।
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