चंबा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साहो में डेढ़ साल बाद मरीजों को रात में स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने योजना तैयार कर ली है।
विभाग के पास स्टाफ नर्सों की कमी के कारण रात को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं दी जा रही थीं। विभाग ने जिला प्रशासन से विचार-विमर्श कर नीति आयोग के तहत जिले में 16 स्टाफ नर्सों को रखने की हरी झंडी ले ली है। नीति आयोग के तहत ही इन स्टाफ नर्सों को विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में रखा जाएगा। इससे पहले भी जिले में नीति आयोग के तहत स्टाफ नर्सें रखी गई थीं। बजट खत्म होने के चलते इन स्टाफ नर्सों को नौकरी से निकाल दिया गया था। ऐसे में दोबारा बजट मुहैया होने से स्वास्थ्य विभाग उन स्टाफ नर्सों को स्वास्थ्य केंद्रों में नियुक्त कर सकता है।
रात के समय जिन स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव करवाने की सुविधा है, वहां प्राथमिकता के आधार पर स्टाफ नर्सें नियुक्त की जाएंगी। साहो सीएचसी में डेढ़ साल से मरीजों को रात में स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं। यह सीएचसी एक दर्जन पंचायतों का केंद्र बिंदु है। कई बार रात को गर्भवती महिलाओं को साहो से चंबा लाया गया। इसी समस्या को खत्म करने के लिए विभाग ने नीति आयोग के तहत स्टाफ नर्सों को स्वास्थ्य केंद्रों में नियुक्त करने की योजना बनाई है। साहो में जहां स्टाफ नर्स रात को सेवाएं देगी, उनके साथ एक चिकित्सक भी तैनात रहेगा।
उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर बिपन ठाकुर ने बताया कि नीति आयोग के तहत जिले में 16 स्टाफ नर्सें नियुक्त की जाएंगी। साहो में रात को स्वास्थ्य सुविधा दोबारा शुरू होगी। जल्द एक चिकित्सक और स्टाफ नर्स रात में मरीजों की सेवा के लिए उपलब्ध होंगे।