चमेरा चरण तीन के निर्माण से विस्थापित हुए मौखरी गांव के बाशिंदों ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए उपतहसील कार्यालय धरवाला के बाहर अपनी क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
शुक्रवार को भूख हड़ताल पर ललित ठाकुर, देवी लाल, रमेश शर्मा, अजीत कुुमार व अजय कुमार बैठे हैं। भूख हड़ताल पर बैठे जिप सदस्य ललित ठाकुर ने बताया कि चमेरा चरण तीन की सर्ज साफ्ट की टनल से पानी का रिसाव होने से मौखरी, सुगाड़ी, चूड़ी पुल व डाकखाना गांव पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। जिसके कारण गांव के लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि विस्थापितों को एनएचपीसी द्वारा मात्र दो कमरों का किराया देकर अपना पल्ला झाड़ा जा रहा है। ग्रामीणों को अपने मवेशी व घरेलू सामान रखने के लिए कोई स्थान नहीं बचा है। जिन लोगों की दुकानें पानी के रिसाव से बर्बाद हुुई हैं, उन लोगों का रोजगार बंद हो चुका है।
एनएचपीसी द्वारा उन लोगों को कोई भी राहत प्रदान नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में विस्थापित परिवार के एक सदस्य को अस्थायी रोजगार दिया गया था। उन्हें भी नौकरी से निकाल दिया गया है। जिसके कारण प्रभावित परिवार दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभावित लोगों की मांगो को पूरा नहीं किया जाता है। तब तक यह क्रमिक भूख हड़ताल जारी रहेगी। इस मौके पर राकेश शर्मा, श्रवण कुमार, देवी लाल, मुंशी राम, सुनील कुमार, चीनो देवी, ओम प्रकाश, सुरेश शर्मा, कौशल्या, संजीव कुमार, राज सिंह और प्यार सिंह मौजूद रहे।