चंबा। राजकीय महाविद्यालय चंबा का जनजातीय छात्रावास (हॉस्टल) अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। आलम, ये है कि छात्रावास की सुध न लिए जाने के कारण इसकी हालत बद से बदतर हो चुकी है। जनजातीय क्षेत्रों में विद्यार्थियों में अब महाविद्यालय के नए प्राचार्य से छात्रावास के जीर्णोद्धार का कार्य करने की उम्मीद है।
जनजातीय छात्रावास के भवन पर झाड़ियां उगी हैं, दरवाजे और खिड़कियों के शीशे भी टूट चुके हैं, जिन्हें छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थी चद्दरें लगा कर ढक रहे हैं। छात्रावास का मुख्य द्वार टूट चुका है। इस कारण बिना रोक-टोक कोई भी छात्रावास में प्रवेश कर सकता है। भवन में कई समय से पेंट न होने से दीवारों पर सीलन आ जाने से पेंट भी उखड़ चुका है।
छात्रावास के शौचालयों की हालत भी दयनीय बनी हुई है। विद्यार्थियों की मानें तो वे समय-समय पर महाविद्यालय प्रबंधन से जनजातीय भवन के छात्रावास की मरम्मत करवाने की मांग उठाते आ रहे हैं। बावजूद इसके अभी तक इस दिशा में किसी ने भी कोई ध्यान नहीं दिया है। छात्रावास में बिजली की वायरिंग भी कई जगहों से उखड़ चुकी है। इस कारण भवन के कई हिस्सों में लाइट जलती ही नहीं है।
महाविद्यालय चंबा के प्राचार्य डॉ. विद्यासागर शर्मा ने बताया कि महाविद्यालय छात्रावास का जीर्णोद्धार करने के लिए प्रबंधन ने अपनी ओर से प्रयास आरंभ कर दिए हैं। आगामी समय में छात्रावास की आवश्यक मरम्मत कार्य करवाया जाएगा।