बनीखेत/चंबा। चंबा-पठानकोट राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर चेेहली के पास हुई बस दुर्घटना के घायलों को अस्पताल पहुंचाने करीब डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस घटना स्थल पर नहीं पहुंची। इस दौरान घायल मदद के लिए चीखते पुकारते रहे। हादसा सुबह साढ़े छह बजे के करीब हुआ। इसके बाद स्थानीय लोगों और पुलिस ने मिलकर घायलों को सड़क पर पहुंचाया। इस दौरान मौके पर पहुंचे लोगों ने करीब 200 मीटर गहरी खाई से घायलों को पीठ पर उठाकर मुश्किल से सड़क तक पहुंचाया।
यहां से सरकारी अधिकारियों की गाड़ियों और निजी वाहनों से घायलों को चंबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। इसके बाद कहीं जाकर 108 एंबुलेंस घटनास्थल पर करीब आठ बजे पहुंची। तब तक सभी घायलों को चंबा भेजा जा चुका था। एंबुलेंस के देरी पर आने को लेकर लोगों में एंबुलेंस संचालक कंपनी और सरकार के खिलाफ भारी देखने को मिला है।
हैरानी इस बात है कि जिले की जनता लंबे समय से चल रही खटारा एंबुलेंस का मामला उठाती आ रही है। मगर स्वास्थ्य विभाग और सरकार इसको लेकर कोई पुख्ता इंतजाम नहीं कर रही है। आलम यह है कि जिले में चलने वाली 108 एंबुलेंस में से 15 एंबुलेंस खटारा हो चुकी हैं।
यह वाहन सड़क किनारे धूल फांक रहे हैं। ऐसे में सड़क पर दौड़ने वाली मात्र तीन एंबुलेंस ही है। जबकि अन्य एंबुलेंस की हालत ऐसी बनी हुई है कि कब एंबुलेंस रास्ते में दम छोड़ जाए, इसका कोई पता नहीं चले। यही वजह है कि किसी भी बड़े हादसे में घायलों को एंबुलेंस का इंतजार करने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।
उपायुक्त विवेक भाटिया ने बताया कि चंबा में एंबुलेंस की कमी की वजह से बार-बार यह समस्या देखने को मिल रही है। चंबा में चलने वाली एंबुलेंस खराब हो चुकी हैं। चंबा में नई एंबुलेंस मुहैया करवाने को लेकर जल्द ही सरकार से बात की जाएगी। ताकि चंबा में नई एंबुलेंस मुहैया करवाई जा सकें।
108 एंबुलेंस संचालक कंपनी के अधिकारी अभिषेक भंगालिया ने बताया कि चंबा में ज्यादातर गाड़ियां कंडम हो चुकी है। इस बारे में सरकार को बताया जा चुका है। सरकार से नई गाड़ियों की डिमांड भेजी गई है, जो गाड़ियां ऑन रोड चल रही हैं वे मरीजों को सुविधा प्रदान कर रही हैं। कुछ घायलों को चंबा से टांडा 108 एंबुलेंस में ही भेजा गया है।