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Chamba News: चंबा का बस अड्डा बना विवाद का अखाड़ा

Fri, 07 Aug 2026 11:03 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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चंबा चौगान में मेले के दौरान रात के समय बाइक दौड़ाते युवा।संवाद
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समयसारिणी को लेकर सरकारी-निजी बस ऑपरेटरों के बीच रोज हो रहा विवाद
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हाथापाई तक आ रही नौबत, यात्रियों को झेलनी पड़ रही हैं परेशानियां
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। बस स्टैंड चंबा सरकारी और निजी बस ऑपरेटरों के बीच बढ़ते विवादों को लेकर चर्चा में है। समयसारिणी को लेकर आए दिन होने वाली कहासुनी का असर यात्रियों पर पड़ रहा है।
कभी बसें खड़े होने को लेकर विवाद हो रहा है तो कभी निर्धारित रूट के समय को लेकर चालक आमने-सामने आ रहे हैं।
शुक्रवार को भी बस स्टैंड में समय को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि दो निजी बस चालकों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। यात्रियों का कहना है कि ऑपरेटरों की आपसी खींचतान के कारण उन्हें बसों के इंतजार में परेशानी झेलनी पड़ती है।
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एचआरटीसी चालक यूनियन के प्रधान हेम राज ने आरोप लगाया कि निजी बस ऑपरेटर कई बार सरकारी बसों के संचालन में बाधा डालते हैं। उन्होंने कहा कि यात्रियों को अपनी बसों में बैठाने के लिए सरकारी बसों के रास्ते में रुकावट पैदा की जाती है जिससे चालक और परिचालकों के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है। कई बार एचआरटीसी बसें तकनीकी खराबी या अन्य कारणों से देरी से पहुंचती हैं लेकिन इसका फायदा उठाकर विवाद पैदा किया जाता है।
वहीं, निजी बस ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि समस्या की बड़ी वजह एचआरटीसी बसों का निर्धारित समय पर संचालन न होना है। उन्होंने कहा कि कई बार निजी बसों के तय समय पर सरकारी बसें काउंटर पर लगा दी जाती हैं जिससे निजी संचालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। यदि सभी बसें समयसारिणी के अनुसार चलें तो टकराव की स्थिति खत्म हो सकती है। एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने कहा कि बसों की समयसारिणी को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। इस संबंध में जल्द चर्चा की जाएगी और बसों का संचालन निर्धारित समय के अनुसार सुनिश्चित किया जाएगा।
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यात्रियों को भुगतना पड़ रहा खामियाजा
सरकारी और निजी बस ऑपरेटरों के बीच तालमेल की कमी का सबसे अधिक असर यात्रियों पर पड़ रहा है। विवाद के कारण बसों की आवाजाही प्रभावित होती है और यात्रियों को अनावश्यक इंतजार करना पड़ता है। लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के समाधान के लिए स्पष्ट व्यवस्था और समयसारिणी के सख्त पालन की जरूरत महसूस की जा रही है।
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