चंबा। जालंधर, अमृतसर और पठानकोट की मंडियों में चंबा के सेब ने धमक दे दी है। बाहरी राज्यों की मंडियों में पहुंचे सेब के उम्दा दाम बागवानों को मिल रहे हैं। अब तक बाहरी मंडियों में जिला के तीसा और माणी लोअर क्षेत्र से 8546 सेब की पेटियां पहुंच चुकी हैं। वहीं, बालू स्थित जिला मंडी में महज 20 किलोग्राम की 30 पेटियां ही बिकने के लिए पहुंची हैं। सेब के उचित दाम मिलने की आस लिए बागवान फसल को बाहरी मंडियों में बेचने के लिए ले जा रहे हैं।
गौर रहे कि जिला में बागवानों द्वारा अपनी आर्थिकी को बढ़ाने के लिए बगीचों में रेड गाला, रेड चीफ, गाला वैरायटी के पौधे लगाए गए हैं। नतीजतन, समय से पहले ही विभिन्न प्रजातियों के सेब के पौधे फल देना शुरू कर देते हैं। जिससे बागवानों को लाभ होता दिख रहा है। वर्तमान समय में जिला से जालंधर, अमृतसर और पठानकोट की मंडियों में 8546 सेब की पेटियां निर्यात हो चुकी हैं। जिससे बागवानों को सीधा लाभ मिल रहा है।
उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजीव चंद्रा ने कहा कि जिला के लोअर क्षेत्र तीसा और माणी से नई प्रजातियों का सेब बाहरी मंडियों में निर्यात हो रहा है। बरसात का मौसम बागवानों के लिए लाभपद्र है। बागवानों को सेब तुड़ान, ढुलाई में ही दिक्कतें पेश आती हैं। इसके अलावा बागवान बाहरी मंडियों में सेब के बढ़िया दाम मिलने की उम्मीद लिए सेब ले जाते हैं।
जिला मार्केटिंग कमेटी के सचिव दीक्षित ने कहा कि तुन्नुहट्टी स्थित बैरियर पर स्थित चेकपोस्ट पर जिला से बाहर जाने वाले सेब की एंट्री होती है। जिला से बाहर अमृतसर, जालंधर, पठानकोट के लिए अब तक दस किलोग्राम की 8546 पेटियां जा चुकी हैं। इसके अलावा जिला की मंडी में 20 किलोग्राम की 30 पेटियां पहुंची हैं।