चंबा। जिले के 16 रूटों पर बुधवार को बसें नहीं चल पाईं। बसों के निर्धारित समय पर न चलने से बसों के इंतजार में बैठे यात्रियों की मुसीबतें बढ़ गईं। थक हारकर यात्रियों को पैदल और निजी वाहन हायर कर अपने घरों के लिए कूच करना पड़ा। कुलमिला कर पीस मील वर्करों की हड़ताल से अब जिले के अधिकांश रूटों पर बसों के पहिये थमने लग पड़े हैं। बसों के रूटों पर न चलने से चंबा डिपो प्रबंधन की भी चिंताएं बढ़ गई हैं।
गौर रहे कि पीस मील वर्करों की हड़ताल बुधवार को दसवें दिन में प्रवेश कर गई। पीस मील वर्करों ने अपनी मांगों को लेकर वर्कशॉप गेट के बाहर नारेबाजी कर रोष प्रकट किया। पीस मील वर्करों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने वर्करों को अनुबंध में लाने के आदेश दिए थे, जिस पर जल्द कार्रवाई हो। पीस मील वर्करों को प्रदेश सरकार कई दिनों से आश्वासन दे रही है लेकिन, उनकी मांग पर कोई भी कार्रवाई नहीं हो रही है।
इकाई अध्यक्ष विनोद कुमार, नारायण, राकेश, रविंद्र, सुधीर, मान सिंह, ईश्वर सिंह, सुरेश कुमार आदि ने कहा कि वर्करों को सरकार ने जो आश्वासन दिया था उसे जल्द पूरा किया जाए। वहीं, तकनीकी कर्मचारियों ने गेट मीटिंग कर सरकार से पीस मील वर्करों की मांगों को पूरा करने की मांग उठाई है। कहा कि सरकार पीस मील वर्करों को अनुबंध पर नहीं लेती है तो 15 दिसंबर को तकनीकी कर्मचारी संगठन भी पीस मील वर्करों के समर्थन में दो से सायं चार बजे तक टूल डाउन हड़ताल करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और निगम प्रबंधन की रहेगी।
इन रूटों पर नहीं चली बसें
बुधवार को चंबा-भरमौर, चंबा-ढांगू, चंबा-जुठाहर, चंबा-दियोला, चंबा-धुलाड़ा, चंबा-छतराड़ी, चंबा-कोल्हड़ी, चंबा-सुनारा-कुंड़ी, चंबा-डलहौजी, चंबा-बग्गा, चंबा-खज्जियार-चुवाड़ी, चंबा-किहार, चंबा-चितंपूर्णी, चंबा-मंडी, चंबा-नकरोड़ सहित चंबा-किहार रूटों पर बसें नहीं चल पाईं।
अड्डा प्रभारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि जिले के 15 रूटों पर बुधवार को बसें नहीं चल पाईं। कहा कि ब्रेक डाउन होने और अधिकांश बसों के उपलब्ध न होने से इस प्रकार की समस्या हुई।