आठ से दस किलोमीटर पैदल चल रहे ग्रामीण और विद्यार्थी
छह गांवों की आवाजाही प्रभावित, मरीजों और नौकरीपेशा लोगों की भी बढ़ी मुश्किलें
संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। चंबा-लंगेरा रूट पर निगम की बस चार दिन से निर्धारित रूट पर नहीं पहुंच रही है। इससे लंगेरा समेत छह गांवों के करीब चार हजार लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
ग्रामीणों और विद्यार्थियों को रोजाना आठ से दस किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ रहा है। बस सेवा बाधित होने से स्कूली बच्चों, कॉलेज विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
बस नहीं चलने से लंगेरा, भैठ, प्रियूगल, मटूण, भुजण और रणनौट के लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे उनका खर्च बढ़ गया है। वहीं, विद्यार्थियों को समय पर स्कूल और कॉलेज पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीण जोगी, शशी, राजेंद्र, शिव कुमार, चतरो और प्यारू ने बताया कि निगम की बस क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन का प्रमुख साधन है। इसके बंद रहने से रोजमर्रा के कामकाज के साथ मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने परिवहन विभाग और संबंधित अधिकारियों से जल्द बस सेवा बहाल करने की मांग की है। उधर, डीडीएम चंबा शुगल सिंह ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। रूट पर बस सेवा जल्द दोबारा शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।