घर तक आठ किलोमीटर चलना पड़ा पैदल
चंबा से भाला रूट पर निकली थी सरकारी बस
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले में एचआरटीसी की खटारा बसें लोगों के लिए जी का जंजाल बन गई हैं। आए दिन बसें बीच रास्ते में हांफ रही हैं। सोमवार को चंबा से भाला जा रही परिवहन निगम की बस सराहन के पास खराब हो गई। इसमें 50 सवारियां सफर कर रही थीं। बस खराब होने की वजह से इनको आठ किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। चालक ने बस को आगे ले जाने में असमर्थता दिखाई। इसके बाद सवारियां पैदल ही आगे के सफर पर निकल पड़ीं। घर पहुंचने में उन्हें रात हो गई। यात्रियों अंशु कपूर, मीनू ठाकुर, सोनू राठौर, दुनी राम और गौरव ठाकुर ने बताया कि सोमवार को दोपहर बाद करीब 3:30 बजे चंबा से भाला के लिए सरकारी बस चली। इसमें कॉलेज और आईटीआई के प्रशिक्षु भी सवार थे लेकिन सराहन के पास बस हांफ गई। चालक ने सवारियों से कहा कि तकनीकी खराबी की वजह से आगे नहीं जा सकती है, इसलिए उन्हें यहीं उतरना पड़ेगा। कुछ सवारियों ने बस चालक-परिचालक से कहा कि यदि बस अपने तय रूट तक नहीं जा सकती तो उनसे किराया क्यों वसूला गया।
महिलाओं और बुजुर्गों को सामान के साथ पैदल चलने में काफी परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि जिस रूट पर शाम को एक ही बस जाती है, उस रूट पर खटारा बस नहीं भेजनी चाहिए। एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने बताया कि बस में तकनीकी खराबी आई थी। इस कारण सराहन से आगे नहीं जा सकी। बस की मरम्मत करवा दी गई है।