भरमौर की कुगति पंचायत में कार्तिक स्वामी मंदिर में दर्शन के लिए गए दर्जनों श्रद्धालु आसमानी कहर बरसने पर मंदिर में ही फंस गए हैं। भारी बारिश के चलते मंदिर से कुगति पंचायत को जोड़ने वाली दोनों पुल बह गए हैं। जिसके चलते स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
नाले के उफान पर आने से सात घराट और उनमें रखा करीब 6 क्विंटल अनाज भी बह गया है।उधर प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थान पर बने रहने की हिदायत जारी कर दी है। लेकिन लगातार हो रही बारिश के चलते राहत कार्यों में विघ्न पड़ रहा है। इस समस्या का समाधान नालों पर बह गई पुलियों के अस्थायी निर्माण से हो सकता है। ऐसे में जब तक बारिश नहीं रुकती और नालों में बढ़ा हुआ जल स्तर कम नहीं हो जाता है, तब तक राहत के प्रयास भी फंसे हुए लोगों तक नहीं पहुंच सकते हैं। कार्तिक स्वामी मंदिर में फंसे कुछेक श्रद्धालु स्थानीय हैं तो कई श्रद्धालु बाहरी क्षेत्रों से शिव पुत्र कार्तिक स्वामी के दर्शन की आस को लेकर यहां पहुंचे हुए हैं।
उधर लगातार दो दिन से हो रही बरसात के चलते खाने पीने की वस्तुओं की भी कमी हो रही है। जिसके चलते धीरे धीरे समस्या नासूर बनती जा रही है। हालांकि बीते कुछ वर्ष पहले भरमौर प्रशासन द्वारा कुगति पंचायत के कुछ युवाओं को आपदा प्रबंधन और पर्वतारोहण के गुर सिखाए गए थे। जिनकी सहायता से मंदिर में फंसे हुए श्रद्धालुओं तक आवश्यक वस्तुओं की खेप पहुंचाई जा रही है। जिनमें पुरुष महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
50 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान : प्रधान
कुगति पंचायत की प्रधान रीना देवी ने बताया कि उन्होंने स्वयं जायजा लिया है। जिसमें लाहल व कुगति नाले के ऊपर के पुल बह चुके हैं। इसके अलावा यहां पर कुछ लोगों के घराट भी बह गए हैं। इस कहर से लगभग पचास लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है।
मौसम सुधरने तक मंदिर में ही रहें श्रद्धालु : एसडीएम
एसडीएम डॉ. जितेंद्र कंवर ने बताया कि पंचायत प्रधान ने सूचना दी है। हालात का जायजा लेकर प्रशासनिक दल को तुरंत रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि मौसम सुधरने तक श्रद्धालु मंदिर में रुक कर इंतजार करें।