भरमौर में विधायक डॉ. जनकराज की अगुवाई में निकाली रोष रैली, नारेबाजी भी की
सरकार की नीतियों को कोसा, तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र भरमौर में शुक्रवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। विरोध-प्रदर्शन विधायक डॉ. जनक राज की अगुवाई में हुआ।
इसमें भाजपा कार्यकर्ताओं सहित स्थानीय लोगों ने भाग लिया और प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। यह रोष रैली लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह से शुरू होकर पुराना बस स्टैंड, चौरासी परिसर के बीचोंबीच गौर पट्टा के रास्ते होते हुए मिनी सचिवालय पहुंची। मिनी सचिवालय ने भाजपाइयों ने नायब तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर बाजार क्षेत्र से विरोध प्रदर्शन करते हुए रोष रैली निकाली और सरकार की नीतियों को आम जनता के हितों के खिलाफ बताया।
भरमौर-पांगी के विधायक डॉ. जनक राज, भरमौर चौरासी भाजपा मंडल के अध्यक्ष अंग्रेज कपूर, होली भाजपा मंडल, त्रिलोचन महादेव भाजपा मंडल अध्यक्ष ने बताया कि भरमौर-पठानकोट हाईवे की हालत जर्जर हो चुकी है। इसकी सुध तक नहीं ली गई है। उन्होंने राजकीय कन्या विद्यालय का विलय कर बाल विद्यालय करने पर कड़ा एतराज जताया और इस निर्णय को वापस लेने की मांग उठाई। मिनी सचिवालय परिसर के बाहर भाजपाइयों ने मुख्यमंत्री का पुतला जलाने की भी कोशिश की लेकिन पुलिस जवानों ने पुतले को छीन लिया।
मांग... शंकु टपरी में हुए हादसे में मौत
पर पीडब्ल्यूडी पर दर्ज हो प्राथमिकी
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि भरमौर-थल्ला मार्ग पर शंकु टपरी में हुई दर्दनाक दुर्घटना में एक व्यक्ति मौत हुई है। एक व्यक्ति घायल हुआ है। इसमें साफ तौर पर लोक निर्माण विभाग की लापरवाही है। इस मामले में पीडब्ल्यूडी की गलती पर प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए। डंगा गिरे होने की सूरत में साइन बोर्ड लगा होना चाहिए था लेकिन पत्थर रखकर विभाग ने इतिश्री कर ली है।
प्रदर्शन के दौरान खूब गूंजे अनदेखी, विकास में भेदभाव के मुद्दे
वक्ताओं ने कहा कि सरकार की ओर से लिए जा रहे निर्णयों से आम जनता, किसान, युवा और कर्मचारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान प्रमुख रूप से क्षेत्र में सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की बदहाली, स्वास्थ्य सेवाओं की कमजोर स्थिति, शिक्षा व्यवस्था में गिरावट और स्थानीय लोगों की अनदेखी और विकास कार्यों में भेदभाव का मुद्दा छाया रहा। उन्होंने सरकार को चेताया है कि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे अपने आंदोलन को ओर तेज करेंगे।