प्रवक्ताओं की कमी से कॉलेज में 113 से सिमटकर 8 रह गई विद्यार्थियों की संख्या
घर-द्वार कॉलेज में प्रवक्ता न होने से 35 से 40 किमी दूर जाकर पढ़ने को मजबूर बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
तेलका (चंबा)। वर्ष 2017 में स्थापित भलेई कॉलेज एक समय क्षेत्र की उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र माना जाता था लेकिन वर्तमान में यह शिक्षकों की कमी के कारण गंभीर संकट से गुजर रहा है। आज कॉलेज में मात्र 8 विद्यार्थी ही अध्ययनरत हैं।
कॉलेज में हिंदी को छोड़कर अन्य विषयों के पद रिक्त हैं। नड्डल, भलेई, औंरा, बांगल, भुनाड़, कंगेड़, सुंड़ला, चकलू, ब्रंगाल, हडला समेत आस-पास के क्षेत्रों से बच्चे भलेई में प्राध्यापकों की कमी से मजबूरन 35 से 40 किमी दूर चंबा या बनीखेत में पढ़ रहे हैं।
वर्ष 2017 में कॉलेज में चार प्रवक्ताओं की नियुक्ति हुई थी। उस समय शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता के कारण शैक्षणिक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित होती रहीं। 2022 तक छात्र संख्या बढ़कर 113 तक पहुंच गई। इसके बाद जैसे-जैसे अध्यापकों का स्थानांतरण या कमी होती गई और रिक्त पदों को नहीं भरा गया, वैसे-वैसे छात्र संख्या भी घटती गई। स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि शीघ्र रिक्त पद नहीं भरे गए तो कॉलेज का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है।
भलेई कॉलेज क्षेत्र की उच्च शिक्षा की रीढ़ है। शिक्षकों की कमी ने इसकी व्यवस्था कमजोर कर दी है। जब पर्याप्त प्रवक्ता थे, तब पढ़ाई सुचारु रूप से चलती थी। आज एक अध्यापक के भरोसे कॉलेज चल रहा है। - सलीम मोहम्मद
ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों के लिए यह कॉलेज आशा की किरण रहा। अब शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कई छात्राएं अन्य संस्थानों में दाखिला लेने को मजबूर हो रही हैं। - बिंदिया देवी
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तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस कॉलेज की स्थापना की थी। पर्याप्त अध्यापकों की नियुक्ति भी की गई थी। समय बीतने पर प्रवक्ताओं की कमी और पद न भरे जाने से अब महज आठ विद्यार्थी यहां बचे हैं। - राजकुमार
वर्ष 2017 में कॉलेज में चार प्रवक्ता तैनात रहे। 2022 तक कॉलेज में 113 विद्यार्थी थे। प्रवक्ताओं के तबादले और रिक्त पद न भरने से छात्र संख्या लगातार घटती गई। आज केवल 8 विद्यार्थी रह गए हैं। - जर्म सिंह
कॉलेज में वर्तमान में सीमित स्टाफ है। इसकी सूचना उच्च शिक्षा विभाग को भेजी है। उपलब्ध संसाधनों के साथ कक्षाएं नियमित रूप से संचालित करने का प्रयास किया जा रहा है। उम्मीद है विभाग शीघ्र आवश्यक नियुक्तियां करेगा। - धर्म चंद, कार्यवाहक प्रधानाचार्य