तेलका (चंबा)। चंबा जिले के सीमांत क्षेत्रों में जम्मू-कश्मीर सड़कों को बनाने और पक्का करने को तवज्जो दे रहा है। दूसरी ओर जिले के सीमांत क्षेत्र घरजिंडू से आगे संगोटी तक 10 किलोमीटर सड़क का काम वन अधिकार अधिनियम (एफआरए) की वजह से पांच साल से लटका है। इसकी सीधी मार तेलका, लचोड़ी और ब्रंगाल के दुकानदारों, व्यापारियों और टैक्सी चालकों पर पड़ रही है। जे एंड के की सीमा के साथ लगते पधरी जोत में 10 किमी चंबा की सीमा के भीतर तक सड़क निर्माण का मामला प्रकाश में आने के बाद शासन-प्रशासन की मुस्तैदी देखकर अब पड़ोसी राज्य अपने सीमांत क्षेत्र की सड़कों पर अधिक तवज्जो देने लगा हैं। पड़ोसी राज्य की सड़क पक्की होने से वहां के बाशिंदे चंबा जिले के बाजारों के बजाय बणी की तरफ जा रहे हैं। पहले पड़ोसी राज्यों के बाशिंदे और सीमांत क्षेत्र के लोग सामान लेने और घूमने-फिरने के लिए चंबा और गढ़ माता मंदिर समेत आसपास के क्षेत्रों में आते थे। बीते पांच माह से वे चंबा जिले का रुख करने से भी कतराने लगे हैं।
जबसे जम्मू-कश्मीर ने अपने क्षेत्र में पक्की सड़क बनाई है, तब से लोगों का कारोबार ठप हो गया है। पड़ोसी राज्य में सड़क निर्माण और पक्की होने से क्षेत्र के टैक्सी चालक बेरोजगार हो गए हैं। लोग जम्मू-कश्मीर के बाजारों को तरजीह दे रहे हैं।
दीपू, टैक्सी ड्राइवर
हिमाचल की ओऱ से सड़क न बनने के कारण लोग अब तेलका, लचोड़ी का रुख न कर जम्मू की तरफ जाते हैं। इससे दुकानदारों का धंधा ही चौपट बन चुका है। जो लोग सड़क बनने से पहले लोग तेलका की ओर आते थे अब वे जम्मू की तरफ जाते हैं।
मनोज शर्मा, दुकानदार
हिमाचल सरकार जल्द से जल्द संगोठी तक सड़क पहुंचाए। इससे व्यापारियों और स्थानीय दुकानदारों को इसका लाभ मिल सके। जे एंड के की तरफ से डुगाल तक सड़क बनी है, तब से हमारा कारोबार पूरी तरह से ठप हो चुका है।
चमारू राम, ग्रामीण
चंबा की तरफ से घरजिंडू से आगे 10 किमी संगोठी तक सड़क बनने से स्थानीय व्यापारियों, दुकानदारों और टैक्सी चालकों को लाभ मिलेगा, लेकिन एफआरए केस को स्वीकृति न मिलने से काम धंधा पूरी तरह से चौपट हो चुका है। सरकार और प्रशासन को इस ओर समय रहते ध्यान देना चाहिए।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता कुमद उपाध्याय ने बताया कि एफआरए की मंजूरी के बिना काम रुका हुआ है। स्वीकृत्ति मिलने के बाद सड़क निर्माण कार्य आरंभ करवा दिया जाएगा।