चंबा। जिले में इस बार सेब की पैदावार बागवानों को खूब मालामाल करेगी। इस बार सर्दियों में भारी बर्फबारी के बाद बागवान यह उम्मीद जता रहे हैं। भरमौर, पांगी, तीसा, सलूणी, किहार, जुम्हार, खज्जियार, होली, दुर्गेठी आदि क्षेत्रों में बागवान सेब की खेती करते हैं। चंबा सेब की डिमांड बाहरी राज्यों में भी काफी ज्यादा है। जिले में सेब पैदावार की बात करें तो औसतन 34000 मीट्रिक टन सेब की पैदावार रहती है। जिले की 17 हजार हेक्टेयर भूमि में सेब की पैदावार होती है। जनजातीय क्षेत्रों की प्रमुख फसल होने के कारण उनकी सालाना आर्थिकी भी सेब की पैदावार पर निर्भर करती है।
गौरतलब हैै कि जिले में इस बार दिसंबर से ही बर्फबारी का दौर शुरू हो गया था। यहां तक कि जनवरी माह में भी दो-तीन बार ऊंचाई और निचले क्षेत्रों में हिमपात हुआ है। तीन से चार फुट बर्फबारी होने के चलते सेब के लिए जरूरी चिलिंग ऑवर पूरे हो चुके हैं। विनोद कुमार, हितेश कुमार, दिलीप सिंह, राजेश कुमार, अमित कुमार, राजन सिंह, जमीत सिंह आदि का कहना है कि जिले में सर्दियों में इस बार भरपूर बर्फबारी हुई है। इससे बेहतर पैदावार की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि अब गर्मी का मौसम शुरू हो रहा है। ऐसे में बारिश भी समय-समय पर होती रहे तो इससे सेब की पैदावार और अच्छी होगी और बागवानों को लाभ पहुंचेगा। उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजीव चंद्रा का कहना है कि इस बार सर्दियों में बर्फबारी खूब हुई है। इससे सेब के बेहतर पैदावार की उम्मीद है।