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Chamba News: पेयजल योजना का विरोध, काम बंद न करने से गुस्साए ग्रामीणों ने उखाड़े पाइप

Sun, 01 Mar 2026 10:06 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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विरोध प्रदर्शन के लिए सुबह ही जुट गए थे भजोत्रा और बाड़का पंचायतों के लोग
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खरेड़ नाले पर 2.81 करोड़ की धार-ग्वालू-करवाल पेयजल योजना का काम रोका
बोले- नाले का पानी अन्य पंचायतों को मोड़ा तो सूख जाएंगे घराट, प्राकृतिक जलस्रोत
संवाद न्यूज एजेंसी
तेलका (चंबा)। जिले के खरेड़ नाला में 2.81 करोड़ की धार-ग्वालू-करवाल पेयजल योजना का काम रविवार को ग्रामीणों के विरोध के चलते रुक गया। पंचायत भजोत्रा और बाड़का के लोगों ने पाइप उखाड़ दिए।
उनका कहना है कि नई लाइन से घराट और प्राकृतिक जल स्रोत सूख सकते हैं। इससे आजीविका और पशुधन प्रभावित होंगे। जल शक्ति विभाग के अधिकारी अब घटनास्थल का जायजा लेंगे और समाधान तलाशेंगे।
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दिन : रविवार। समय : सुबह 11 बजे। स्थान : खरेड़ नाला। मौके पर पहुंचे ग्रामीण पेयजल लाइन का विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आक्रोशित लोग पाइपें उखाड़ना शुरू कर देते हैं। दोपहर करीब 2 बजे तक प्रदर्शन जारी रहा। पंचायत भजोत्रा और बाड़का के तहत खरेड़ नाले में नाबार्ड के तहत पेयजल योजना का काम चल रहा है। योजना के तहत धार, ग्वालू और करवाल क्षेत्रों को पानी उपलब्ध करवाया जाना है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि नाले से पानी अन्य पंचायतों को मोड़ा गया तो उनके घराट और प्राकृतिक जलस्रोत सूख सकते हैं। वे इस योजना का विरोध कर रहे हैं लेकिन विभाग जबरन योजना का निर्माण कर रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि अभी तक पंचायत भजोत्रा और बाड़का के कई घरों तक नियमित पेयजल की आपूर्ति नहीं पहुंची है। ऐसे में दूसरी पंचायतों को पानी देना उचित नहीं है। विरोध प्रदर्शन में घिंदरो, अमरचंद, मीरचंद, सक्तो सिंह, राम, चमारू राम, राकेश, प्यार सिंह, रत्न चंद, प्रीतम, प्रेम लाल, शाम लाल, विपन, तिलक राज और सुनील सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

काम बंद नहीं किया तो करेंगे उग्र प्रदर्शन : विपिन
पूर्व प्रधान विपिन कुमार ने आरोप लगाया कि खरेड़ नाले से पहले ही सात पाइप अन्य पंचायतों के लिए डाले जा चुके हैं। इससे पानी की उपलब्धता कम हो गई है। हालात ऐसे हैं कि पीने के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं बच रहा। लोगों का विरोध जायज है। यदि कार्य तुरंत बंद नहीं किया तो ग्रामीण उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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यह मामला ध्यान में आया है। घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा। लोगों से बातचीत कर समस्या का समाधान निकाला जाएगा। - मनोहर सिंह, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग

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