चंबा के डीएवी स्कूल में कक्षा में पढ़ाई करते बच्चे।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्कूल खुलने के बाद अब शिक्षक बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा रहे हैं। अभिभावक भी बच्चों को खुले मन से स्कूल भेजने लगे हैं। हालांकि, कोरोना काल के शुरुआत में अभिभावकों के मन में भय था। कोरोना महामारी के कारण दो सालों तक स्कूली बच्चे मोबाइल से पढ़ाई करने तक ही सीमित रह गए थे। ऑफलाइन पढ़ाई से ऊब चुके बच्चे भी उत्साह के साथ अब स्कूल पहुंच रहे हैं। बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए शिक्षक भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। बच्चों में तरह-तरह की गतिविधियां करवाई जा रही हैं।
मां के साथ शिक्षक की भूमिका भी निभाई
अभिभावक रश्मि का कहना है कि कोरोना महामारी के बीच बच्चे की पढ़ाई जारी रखना एक बड़ी चुनौती था। इस दौरान उन्होंने मां के साथ एक शिक्षक की भूमिका भी निभाई। कोरोना को लेकर अब धीरे-धीरे डर कम हो रहा है। चंदा कुकरेजा का कहना है कि कोरोना महामारी के चलते बच्चों का आत्मविश्वास कम हुआ है। इसके लिए घर पर भी उनका हौसला बढ़ाने का कार्य कर रही हूं। अब स्कूलों में कई गतिविधियां करवाई जा रही हैं।
अभिभावक तनु भाटिया का कहना है कि शुरुआत में बच्चे को स्कूल भेजने में थोड़ी झिझक थी, लेकिन स्कूल में कोरोना नियमों का सलीके से पालन हो रहा है। बेहतर व्यवस्था की गई है। अब किसी तरह का डर नहीं है। भारती का कहना है कि कोरोना महामारी के बाद स्कूल खुलने से बच्चों में भी एक नई उमंग है। बच्चे अब स्कूल जाने के लिए उत्सुक हैं। संक्रमण कम होने के कारण बच्चों को लेकर चिंता भी कम हुई है।
बच्चों को किया जा रहा जागरूक : स्वेता
आरबीएस स्कूल चंबा की प्रधानाचार्य स्वेता सहगल का कहना है कि बच्चों को हर दिन कोरोना के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कोविड गाइडलाइन का अब भी पालन किया जा रहा है। इसके लिए बच्चों की काउंसलिंग भी की जा रही है।
आत्मविश्वास बढ़ाने के किए जा रहे प्रयास : कंचन
किड्स इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल सुल्तानपुर की प्रधानाचार्य कंचन शर्मा का कहना है कि स्कूल खुलने के बाद कोरोना को लेकर बच्चों और शिक्षकों के मन में शुरुआत में डर था। बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
बच्चे स्कूल में अब काफी खुश : अशोक
डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूूल चंबा के प्रधानाचार्य अशोक गुलेरिया का कहना है कि कोरोना काल के बाद अब सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। बच्चों की काउंसलिंग भी की जा रही है। स्टाफ भी बच्चों से बात कर रहा है। बच्चे अब स्कूल में काफी खुश हैं।
दूर की जा रही खामियां : दीपक
डिवाइन पब्लिक स्कूल सरोल के प्रधानाचार्य दीपक रघुवंशी का कहना है कि कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हुआ है। ऑनलाइन माध्यम से बच्चे जुड़े रहे। इससे लिखने और पढ़ने में कमजोर हो गए। इन खामियों को दुरुस्त करने में स्टाफ जुटा हुआ है।