बनीखेत(चंबा)। कंप्यूटरीकृत लैब में तारकोल की जांच के बाद ही इसे एनएच पर बिछाया जाएगा। भरमौर-पठानकोट एनएच के तहत कटोरी बंगला से बनीखेत तक के 39 किलोमीटर हिस्से को एनएच प्रबंधन चकाचक करेगा।
कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही और गुणवत्ता को दरकिनार करने पर एनएच प्रबंधन कार्य को रदद् तक कर सकता है। एनएच प्रबंधन ने कार्य आवंटित करने से पहले केदार को इस प्रकार के दिशा-निर्देश सख्ती के साथ जारी किए हैं।
कटोरी बंगला से लेकर बनीखेत तक हाईवे की अब सूरत बदलने वाली है।
एनएच प्रबंधन ने कार्य आवंटित करने से पहले ठेकेदार को कार्य संबंधी कंप्यूटरीकृत लैब स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत पूरा प्लांट कंप्यूटरीकृत होगा, जिसमें तारकोल की गुणवत्ता, गाड़ी का भार, कितनी क्षमता में तारकोल बिछेगा जैसा पूरा ब्योरा रहेगा। मशीन से तारकोल बिछाने के बाद सड़क से रोड रोलर गुजारा जाएगा। इससे यह पता लगाया जाएगा कि कहीं पर भी अधिक या कम तारकोल तो नहीं बिछा है। प्रबंधन ने इन निर्देशों की अवहेलना पर नियमानुसार कार्रवाई के बारे में चेताया है। वर्तमान में एनएच पर जगह-जगह गड्ढे होने से चालक हिचकोले खाने के लिए मजबूर हैं। सड़क की हालत खस्ता होने से चंबा, बनीखेत, डलहौजी और खज्जियार का रुख करने वाले बाहरी राज्यों के पर्यटकों को भुगतना पड़ रहा है। लिहाजा प्रबंधन ने अब पहले क्रम में कटोरी बंगला से बनीखेत तक एनएच की दशा बदलने का निर्णय लिया है। एनएच मंडल के अधिशासी अभियंता संजीव महाजन ने यह जानकारी दी है।