चंबा। चंबा जिले में चल रहे निजी अस्पतालों और क्लीनिकों को टीबी रोगियों को पूरा ब्योरा स्वास्थ्य विभाग को देना होगा। टीबी रोगियों को डाटा नहीं देने वाले अस्पताल और क्लीनिक संचालकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा। सरकार और स्वास्थ्य विभाग प्रदेश को टीबी मुक्त बनाने के लिए यह निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए टीबी के सभी रोगियों को डाटा इकट्ठा किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी रोगियों को मुफ्त उपचार दिया जाता है। जबकि कई रोगी सरकारी अस्पताल में जाकर बीमारी का उपचार करवा रहे हैं।
इसकी वजह से ऐसे मरीजों का ब्योरा स्वास्थ्य विभाग नहीं जुटा पा रहा है। इसी माह के अंत में विभाग की ओर से जिले के निजी अस्पताल और क्लीनिकों में सेवाएं देने वाले डॉक्टरों के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला में उन्हें सरकार की योजना के बारे में जानकारी दी जाएगी।
इसके साथ ही टीबी रोगियों का ब्योरा देने के निर्देश भी दिए जाएंगे। कसर देखा गया है कि निजी अस्पताल और क्लीनिक वाले अपने रोगियों का डाटा सार्वजनिक नहीं करते। मगर टीबी रोग के मरीजों का डाटा उन्हें स्वास्थ्य विभाग को देना ही होगा। अगर किसी अस्पताल और क्लीनिक में टीबी रोगी का कोई इलाज नहीं चल रहा है, तो इसके बारे में भी संचालकों को स्वास्थ्य विभाग को बताना होगा। टीबी रोगियों का उपचार करते हुए पकड़े जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम समय-समय पर निजी अस्पताल और क्लीनिकों का निरीक्षण भी करेगी।
टीबी रोगियों का देना होगा ब्योरा: सीएमओ
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. वाईडी शर्मा ने बताया कि निजी अस्पताल और क्लीनिक संचालकों को टीबी रोगियों का ब्योरा स्वास्थ्य विभाग को देना होगा। ऐसा नहीं करने वाले संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।