चंबा। साहो क्षेत्र में पहली मंजिल योजना के तहत निजी संस्था पर बच्चों को मिलने वाली भत्ते ही रकम को खातों से उड़ाने के आरोप लगे हैं। पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों ने उपायुक्त से जांच की मांग की है। केंद्र सरकार की इस योजना में एसटी वर्ग के आठवीं और दसवीं कक्षा में फेल होने वाले बच्चों को दोबारा परीक्षा देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसके लिए उनके खाते खोलकर कर भत्ता दिया जाता है।
इसके तहत साहो में करीब 400 बच्चों ने परीक्षा दी। मगर बच्चों के खातों से इस रकम को संस्था ने निकाल लिया। स्थानीय निवासी बशीर, साबर, गुलाम रसूल और नूरदीन नूरानी ने बताया कि भारत सरकार ने एसटी समुदाय के लोगों के लिए पहली मंजिल योजना चलाई थी।
इस योजना के तहत आठवीं और दसवीं कक्षा में फेल विद्यार्थियों को दोबारा परीक्षा देने का प्रावधान किया गया है। इस परीक्षा के बदले विद्यार्थियों के खाते में सरकार की ओर से भत्ता भी डाला जाता है। मगर साहो क्षेत्र में किसी भी छात्र को यह भत्ता नहीं मिला। उन्होंने कहा कि निजी संस्था ने उपरोक्त योजना के तहत साहो क्षेत्र के 400 छात्रों की परीक्षा करवाई।
इसके तहत छात्रों के बैंक में खाते भी खोले गए। जब इन खातों में सरकार की ओर से भत्ता डाला गया, तो संस्था ने भत्तों को छात्रों तक नहीं पहुंचने दिया और छात्रों को बिना बताए ही खाते से सारे पैसे उड़ा लिए।
लोगों ने जब संस्था से इसके बारे में पूछने की कोशिश की। तो संस्था इस मामले में टाल मटोल करती रही। उन्होंने जिलाधीश से मांग की कि उपरोक्त योजना के तहत हुई अनियमितताओं की गंभीरता से जांच पड़ताल की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि मामले की पूरी जांच होगी।