भरमौर (चंबा)। भरमौर में शनिवार को ऊपरी क्षेत्रों मे भारी ओलावृष्टि हुई। इससे सेब की फसल को नुकसान पहुंचा है जबकि निचली क्षेत्रों में तेज बारिश होने से ठंड एक बार फिर बढ़ गई। ओलावृष्टि होने से बागवानों की चिंता बढ़ गई है। इसकी वजह यह है कि पिछले माह हुई भारी बर्फबारी से पहले ही पचास प्रतिशत सेब की फसल को नुकसान हो चुका है।
इसका उद्यान विभाग अभी आकलन भी पूरा नहीं कर पाया है कि वहीं एक बार फिर ओलावृष्टि ने फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। भरमौर के पूलन, खंणी, गरीमा व संचूई पंचायत के भीतर ओले पड़ने से सेब और अन्य फलदार पौधों को नुकसान हुआ है। इन दिनों सेब में फूल की पिंग कली का काम चला हुआ है। ऐसे में तापमान का गिरना नुकसानदायक है। भरमौर में 70 प्रतिशत लोगों सेब की पैदावार पर निर्भर हैं। बीते दो तीन सालो से सेब में फूल आने के दौरान मौसम खराब रहने की वजह से फसल को काफी नुकसान हो रहा है ।
बागवान नारायण दास, तिलक शर्मा, सुरेश कुमार और संदीप कुमार ने बताया कि बीते वर्ष सेब की फसल कुछ इलाकों को छोड़कर तबाह हो गई थी। मगर इस वर्ष बर्फबारी और तूफान के चलने से सेब के पचास प्रतिशत पौधे टूट चुके हैं। बागवानी विभाग के एसएमएस डॉ. एससी चंदेल का कहना सेब में फूल आते ही मौसम का उचित रहना जरूरी है। अन्यथा सेब की फसल पर बुरा असर पड़ सकता है। विभाग हर तरफ से बागवानों की सहायता के लिए तत्पर है।