चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज में बुधवार को स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों के पास जाकर स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल भी जाना। इस दौरान मरीजों को परोसे जाने वाले खाने की जांच के लिए स्वास्थ्य मंत्री पूरी टीम के साथ रसोई घर पहुंच गए। यहां पर उन्होंने सफाई व्यवस्था के साथ-साथ खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। स्वास्थ्य मंत्री ने उपायुक्त और चिकित्सा अधीक्षक को कड़े आदेश जारी किए कि चंबा मेडिकल कॉलेज में मरीजों के लिए बनने वाले खाने की नियमित जांच की जाएगी।
खाने को लेकर कई बार उनके पास शिकायतें आई हैं। चिकित्सा अधीक्षक को यह भी निर्देश दिए हैं कि अगले वर्ष रसोई घर का टेंडर करवाने से पहले स्वास्थ्य निदेशक के साथ मशवरा करें। ऐसी कंपनी को ठेका न दिया जाए। जोकि मरीजों को बढ़िया और साफ खाना उपलब्ध नहीं करवा सकती। स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य और उपायुक्त को एमबीबीएस प्रशिक्षुओं को परोसे जाने वाले खाने की भी जांच करने के आदेश दिए। खाने की गुणवत्ता को लेकर उन्हें काफी शिकायतें मिली हैं। प्रशिक्षुओं के अभिभावकों ने खाने की बीडीओ बनाकर उन्हें भेजी थी।
उपायुक्त हरीकेश मीणा ने स्वास्थ्य मंत्री को अवगत करवाया कि उन्होंने कुछ दिन पहले अस्पताल के रसोईघर का निरीक्षण किया था। इस दौरान खाने में कई खामियां पाई गई थी। इसके चलते रसोईघर में बनने वाले खाने के सैंपल भी भरे गए। इन्हें जांच के लिए कंडाघाट लैब में भेजा गया है। लैब की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
रसोईघर के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के अन्य वार्डों का औचक निरीक्षण किया। यहां पर स्मार्ट कार्ड पर मिलने वाली दवाइयों के बारे में मरीजों से प्रतिक्रियाएं लीं। इस दौरान तीसरी मंजिल में एक मरीज ऐसा पाया गया। जिसके पास स्मार्ट कार्ड तो था मगर उसे अस्पताल में मुफ्त दवाईयां नहीं मिल रही थी। इसको लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सा अधीक्षक को फटकार लगाई और मरीजों को मुफ्त दवाइयां देने के आदेेश दिए।
स्वास्थ्य मंत्री के आने पर खोला गया जन औषधि केंद्र
स्वास्थ्य मंत्री के अस्पताल आने से कुछ मिनट पहले जन औषधि केंद्र को खोला गया। जबकि जन औषधि केंद्र पर शाम पांच बजे रोजाना ताला लटक जाता है। हालांकि प्रधनमंत्री जन औषधि परियोजना के तहत खोले गए केंद्र 24 घंटे मरीजों की सुविधा के लिए खुुले रहने चाहिए। मगर चंबा अस्पताल में पांच बजे के बाद यह केंद्र बंद हो जाता है। इसको लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाई और 24 घंटे जन ओषधि केंद्र खुला रखने के निर्देश दिए।