चंबा। जिले में मौसम साफ होने के बावजूद लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मंगलवार को जिले में दो कच्चे मकान और पांच गोशालाएं ढह गईं। जबकि, चार मकानों को आंशिक रूप से नुकसान हुआ है। मकानों के क्षतिग्रस्त होने से अब प्रभावितों को अपने पड़ोसियों के घरों में शरण लेनी पड़ी है।
मंगलवार को सुबह से ही भरमौर-पठानकोट एनएच सहित 61 सड़कों पर वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गई, जिससे अपने घरों का रुख करने वाले लोगों को पैदल आवाजाही करनी पड़ी। जिले में मौसम की मार से अभी भी 164 ट्रांसफार्मर बंद हैं तो वहीं, 37 पेयजल योजनाएं प्रभावित होने से ग्रामीणों को पीने का पानी लाने के लिए मीलों पैदल सफर तय करना पड़ रहा है।
भरमौर-पठानकोट एनएच पर मंगलवार सुबह से ही बग्गा से लेकर खड़ामुख तक भूस्खलन होने का क्रम दोपहर तक जारी रहा। जबकि, दोपहर बाद मैहला पुल के पास एक बार फिर से पहाड़ी दरकी गई। पहाड़ी से गिरे पत्थरों की जद में आने से एक कार के शीशे टूट गए। वहीं, दुर्गेठी में पहाड़ दरकने से यातायात बाधित हुआ। सूचना मिलने पर विभागीय जेसीबी और लेबर ने मौके पर पहुंच कर एनएच को बहाल करने का कार्य आरंभ कर दिया।
खबर लिखे जाने तक एनएच यातायात के लिए बहाल नहीं हो पाया था। मैहला पंचायत के उपप्रधान भुवनेश कटोच सहित नरेश कुमार, प्रताप चंद, मनोज कुमार और सुरेंद्र ने एनएच प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि प्रबंधन को कई बार पूरी तरह से पहाड़ी की कटिंग करवाकर यहां पर सीमेंट स्प्रे करने की मांग उठाई गई है लेकिन, प्रबंधन अधिकारी इसे हल्के में ले रहे हैं। कहा कि किसी प्रकार की अप्रिय घटना होने पर प्रबंधन इसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगा। वहीं, लोनिवि मंडल पांगी में 43, भरमौर में 12, डलहौजी-सलूणी में दो-दो, तीसा-चंबा में एक-एक मार्ग यातायात के लिए बंद रहा। बिजली सप्लाई न होने से कबायली क्षेत्र भरमौर में 155, तीसा में 20, चंबा में 14, सलूणी में 12, डलहौजी-पांगी-भटियात में एक-एक ट्रांसफार्मर बंद पड़ा हुआ है। जिले में 37 पेयजल स्कीमें मूसलाधार बारिश और बर्फबारी के कारण बंद पड़ी हुई हैं। नतीजतन, कई जगह पर ग्रामीण बर्फ पिघलाकर और कई जगह मीलों पैदल चलकर पानी लाने को मजबूर हैं।
भरमौर-पठानकोट एनएच पर मैहला के पास दोपहर दो बजे पहाड़ी दकरने से चंबा से मैहला के लिए कार में जा रहे रोहित की गाड़ी पर पत्थर गिरने से फ्रंट शीशा टूट गया। गनीमत रही कि रोहित पहाड़ी से गिरे पत्थरों से स्वयं को बचाने में कामयाब रहा।
सूरी पंचायत के बघौता निवासी साहणू राम गांव बलदेव की स्लेटपोश गोशाला क्षतिग्रस्त हो गई। साथ ही सूरी निवासी चनालू पुत्र बेहमी की गोशाला को भी नुकसान पहुंचा है।
पिछले दिनों हुई भारी वर्षा और बर्फबारी के कारण दिनेश कुमार पुत्र पृथ्वीराज निवासी गांव देवगाह, ज्ञान चंद पुत्र बेंसू निवासी गांव सूरी और केशव पुत्र चुहडू निवासी गांव देवगाह के कच्चे मकानों को आंशिक तौर पर नुकसान हुआ है।
वहीं, जिले में मूसलाधार बारिश और बर्फबारी से देवगाह निवासी किशोरी लाल पुत्र घिंकू और अटाला निवासी घिन्द्रो पुत्र बजीरू का स्लेटपोश मकान क्षतिग्रस्त ग्रस्त हो गया।
एडीसी अमित मेहरा ने बताया कि जिले में बंद सड़कों और बिजली-पानी की सप्लाई को सुचारु करने में विभागीय कर्मी डटे हुए हैं। कहा कि प्रभावितों को हुए नुकसान का आकलन तैयार किया जा रहा है।