भरमौर (चंबा)। पवित्र मणिमहेश यात्रा को 14 दिन शेष रहने के बाद भी अभी तक चंबा-भरमौर मार्ग पर सफर तय करना जान को जोखिम में डालने से कम नहीं हैं। खड़ामुख से लेकर भरमौर के 14 किलोमीटर तक के मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे पड़े हैं, साथ ही मार्ग पर टारिंग तक नहीं हो पाई है। इसके अलावा बारिश के दौरान गैहरा, खड़ामुख-भरमौर तक दिनकाघार में अकसर मार्ग यातायात के लिए बाधित पड़ जाता है। वहीं, हड़सर से भरमौर मार्ग पर अभी भी कुछ जगहों पर पैरापिट लगने का कार्य शेष है। इसके अलावा मणिमहेश यात्रा के दौरान भरमाणी माता मंदिर में शीश नवाने के लिए जाने वाले लोगों के लिए इस मर्तबा मार्ग वन वे करने की योजना है। इसके तहत भी कई जगहों पर कार्य होना शेष है। इसे लोनिवि मंडल भरमौर को प्राथमिकता के आधार पर शेष समय पर युद्घस्तर पर पूरा करवाना होगा। ताकि, यात्रा पर आने वाले हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
गौरतलब हो कि पवित्र मणिमहेश यात्रा दो सितंबर से आधिकारिक तौर पर आरंभ होने वाली है। मणिमहेश यात्रा पर हर वर्ष हजारों की संख्या में शिव भक्त पहुंचते हैं। हर वर्ष चंबा-भरमौर मार्ग से होते हुए यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सहूलियत को देखते हुए मार्गों को चकाचक करने की बात कही जाती है। लेकिन, यात्रा आरंभ होने तक स्थिति में कुछ भी सुधार होता नहीं दिखता है। चंबा-भरमौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग अभी भी कई स्थानों पर सफर तय करना जान पर जोखिम भरा है। खड़ामुख से लेकर भरमौर मार्ग पर अभी तक जगह-जगह गड्ढे पड़े हैं।
इसके साथ ही मार्ग पर टारिंग तक नहीं हो पाई है। गैहरा, खड़ामुख-भरमौर तक दिनकाघार में अक्सर मार्ग भूस्खलन से बंद हो जाते हैं। ऐसे में आगामी समय में एनएच प्राधिकरण प्रबंधन को मणिमहेश यात्रा से पूर्व मुस्तैदी से काम करना होगा। ताकि, मणिमहेश यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना न करना पड़े। मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालु भरमाणी माता मंदिर का भी रुख करते हैं। ऐसे में इस मार्ग को वन वे करने की योजना है। वन-वे योजना के तहत भरमौर-घराडू-भरमाणी मार्ग से श्रद्धालुओं को भेजा जाएगा और पट्टी-मलकौथा-भरमौर मार्ग से लोगों की वापसी होगी। वर्तमान समय में मार्गों पर कुछेक जगहों पर भूस्खलन होता रहता है। इसके अलावा सड़क भी कई जगहों पर तंग हैं। इसका खामियाजा यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को उठाना पड़ सकता है।
राष्ट्रीय उच्च मार्ग मंडल चंबा के अधिशासी अभियंता डीएस पठानिया ने बताया कि बरसात से पूर्व खड़ामुख से एक किलोमीटर तक मार्ग पर टारिंग करवा दी गई है। इसके अलावा मार्ग पर पड़े गड्ढों पर पैचवर्क करने का कार्य आरंभ करवा दिया गया है। मणिमहेश यात्रा के दौरान चिन्हित जगहों पर विभागीय मशीनरी और लेबर तैनात रहेगी।