चंबा। पटवारी के साथ मारपीट के मामले में सोमवार को उस समय नया मोड़ आया, जब घघरोथा पंचायत के भलोठ के 25 ग्रामीण उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त पटवारी उनको रिपोर्ट देने की एवज में रिश्वत मांगता था।
इस प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के साथ सदर थाना प्रभारी के सामने पक्ष रखा और मामले की निष्पक्ष जांच करने की गुहार लगाई है। ग्रामीण यासमीन, गोरखी देवी, गोरो राम, चमन सिंह, सुरेश कुमार, प्रदीप कुमार, तिलक राज, रमेश कुमार, याकूब मोहम्मद और मोहम्मद खान आदि ने उपायुक्त से कहा कि ग्रामीणों ने पटवारी से मारपीट नहीं की है। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी पहले भी गांव के कई लोगों से काम करवाने के बदले में पैसों की मांग करता था।
उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान स्थानीय लोग मकानों, जमीनों और गोशालाओं को हुए नुकसान के बारे में रिपोर्ट लेने के लिए पहुंचे थे, लेकिन पटवारी ने उनसे हर बार की तरह पांच से दस हजार रुपये रिश्वत लेने की मांग करते हुए बिना रिश्वत काम न करने की बात कही।
ग्रामीणों ने न चाहते हुए पटवारी को कुछ पैसे भी दिए और जिसकी ग्रामीणों ने वीडियोग्राफी करना आरंभ कर दिया, लेकिन पटवारी ने उनका फोन छीनकर गाली-गलौज करने लगा। उसने फोन तोड़ने की बात कहते हुए फोन फेंक दिया, लेकिन उसमें पूरे घटनाक्रम का वीडियो महफूज है। इसके बाद वह उन्हें धमकी देने लगा।
गांव के 60 लोग आय प्रमाण पत्र लेने के लिए पटवारी के पास गए तो उसने रिपोर्ट देने से मना कर दिया। रिपोर्ट देने की एवज में पटवारी ने हर व्यक्ति से 50 से 60 रुपये की मांग की। इसके अलावा ग्रामीणों ने आरोप लगाए कि पटवारी महीने में ज्यादा से ज्यादा छह दिन ही कार्यालय में मौजूद रहता है।