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जिला परिषद की बैठक में खूब हुआ हंगामा

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बचत भवन चंबा के बाहर धरना प्रदर्शन करते जिला परिषद के सदस्य। - फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
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चंबा। तय समयावधि से एक माह बाद बुधवार को बचत भवन चंबा में हुई जिला परिषद की बैठक हंगामेदार रही। जिप सदस्यों में जहां एक माह देरी से बैठक होने पर रोष रहा तो वहीं दूसरी तरफ कुछेक मुद्दे हल न होने के चलते संबंधित विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। बैठक में वर्ष 2018-19 के लिए मनरेगा के विभिन्न कार्यों के लिए कुल 367 करोड़ रुपये के शेल्फ पारित कर दिए गए। जिला परिषद अध्यक्ष धर्म सिंह पठानिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिला परिषद के सदस्यों के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। जिला की कुल 283 पंचायतों के 25292 कार्यों के लिए शेल्फ पारित किए गए। इन शेल्फों में 136 करोड़ रुपये का लेबर बजट भी पारित हुआ। इसके तहत 34 लाख से ज्यादा मानव दिवस सृजित होंगे। इनमें भरमौर विकास खंड में 1609, भटियात विकास खंड में 3680, चंबा विकास खंड में 3538, मैहला में 4823, पांगी में 1321, सलूणी में 4662 जबकि तीसा विकासखंड में 3213 स्कीमें शामिल हैं। जिले की 144 पंचायतों में मनरेगा कन्वर्जेंस के तहत होने वाले 2446 कार्यों के लिए भी 50 करोड़ की धनराशि का बजट पारित हुआ।
शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई
जिला परिषद सदस्य इंदिरा कपूर ने निजी स्कूलों में अनुसूचित जाति, जनजाति और बीपीएल के गरीब वर्ग के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दिए जाने का मुद्दा रखा। शिक्षा विभाग के अधिकारी ने कहा कि यदि इस संबंध में कोई शिकायत मिलती है तो उसके अनुरूप निजी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। बैठक में जिला परिषद सदस्य ललित ठाकुर की ओर से बिजली बोर्ड द्वारा विशेष तौर से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के कट लगाए जाने की अग्रिम सूचना न देने का मुद्दा भी उठाया गया। जिला परिषद सदस्य ने कहा कि जिस तरह शहरी क्षेत्र में शटडाउन रखने की सूरत में बिजली बोर्ड पहले से सूचना जारी करता है उसी तरह से देहाती क्षेत्रों में भी यह व्यवस्था लागू होनी चाहिए।
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इन मुद्दों को लेकर हुई चर्चा
बैठक में सड़क और परिवहन की समस्याओं के अलावा जिले में सौर ऊर्जा के दोहन को लेकर कार्य योजना तैयार करने, पांगी में स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती करने समेत अन्य कई जनहित और लोगों के कल्याण से जुड़े मुद्दों को जिला परिषद सदस्यों द्वारा प्रस्तुत किया गया। वहीं, स्वास्थ्य केंद्र चूड़ी में एक्स-रे मशीन होने के बावजूद रेडियोग्राफर का पद खाली है। ऐसे में एक्स-रे सुविधा नहीं मिल पा रही है। बैठक में उठे इस मसले को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सप्ताह के दो दिन चूड़ी में रेडियोग्राफर की तैनाती करने की बात कही।
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मानदेय में भेदभाव को लेकर नारेबाजी
बैठक के शुरू होने से पहले जहां जिला परिषदों ने बचत भवन के समीप मानदेय में भेदभाव को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही जिला परिषद सदस्यों का मानदेय पंचायत समिति सदस्यों और पंचायत प्रधानों से ज्यादा रखने की मांग की। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने बजट के दौरान जिला परिषद, पंचायत समिति सदस्यों और पंचायत प्रधानों के मानदेय में बढ़ोतरी की है। जिला परिषद सदस्यों के मुताबिक जो बढ़ोतरी की है, वो न्यायसंगत नहीं है।
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