चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज के नए भवन का निर्माण सरोल में ही होगा। यह बात स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने बुधवार को दरबार हाल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि चंबा मेडिकल कॉलेज के लिए 280 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत है।
जबकि किसी मेडिकल कॉलेज के निर्माण को लेकर कम से कम 500 से 600 करोड़ रुपये की आवश्यकता होती है। इस बजट को उपलब्ध करवाने के लिए प्रदेश सरकार विशेष प्रयास कर रही है। केंद्र सरकार से इसके लिए बजट की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि सरोल में मेडिकल कॉलेज निर्माण को लेकर भूमि का चयन हो चुका है।
यहां मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू करने के लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। निर्माण को लेकर एचसीसी सहित अन्य बड़ी कंपनियों से संपर्क साधा जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में शुरू हुए नए मेडिकल कॉलेजों में कई खामियां हैं।
इसे दूर करने का प्रयास जारी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्ग दर्शन से हिमाचल स्वास्थ्य के क्षेत्र में हब बनता जा रहा है। मेडिकल कॉलेजों सहित हिमाचल में एम्स की स्वीकृति मिल चुकी है। इससे प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
इसके अलावा प्रदेश में एमबीबीएस डॉक्टरों सहित विशेषज्ञ तैयार होंगे। जोकि प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाएं देंगे। उन्होंने कहा कि टांडा में मेडिकल कॉलेज की शुरूआत पचास लाख रुपये की बजट के साथ हुई थी। चंबा मेडिकल कॉलेज की शुरूआत 280 करोड़ रुपये से हुई है। उन्होंने मंच के माध्यम से एमबीबीएस प्रशिक्षुओं से भी कहा कि उन्हें कोई परेशानी पेश आ रही है तो वह निसंदेह उन्हें इसकी जानकारी दे सकते हैं। उसका तुरंत निदान किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री से उठाई नियमित करने की मांग
स्वास्थ्य मंत्री को मेडिकल कॉलेज फैकल्टी ने एक मांग पत्र सौंपा। इसमें उन्होंने फैकल्टी को नियमित करने के साथ वेतन में बढ़ोतरी करने की मांग की है। इसको लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।