चंबा। सरकार और मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने क्षेत्रीय अस्पताल में ही मेडिकल कॉलेज चलाने का फैसला लिया है। जबकि सरोल में मात्र मेडिकल कॉलेज की कक्षाएं ही चलेंगी। यहां पर एमबीबीएस प्रशिक्षु पढ़ाई करेंगे। जबकि ओपीडी और मरीजों को भर्ती करने की सुविधा क्षेत्रीय अस्पताल के भवन में ही होगी।
हालांकि अस्पताल में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने के लिए 200 बिस्तरों वाला नया अस्पताल बनाने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी और अन्य डॉक्टरों के आवास को तोड़े जाएंगे। इसको लेकर पूरी योजना भी तैयार हो चुकी है।
मंगलवार को एसडीएम चंबा, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य और अन्य स्टाफ ने तोड़े जाने वाले आवासों का निरीक्षण किया। इसको लेकर प्लान भी तैयार हो चुका है। इसके लिए कुछ औपचारिकताएं शेष बची हैं। इसे पूरा करते ही डॉक्टर आवास को तोड़कर नया अस्पताल बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा।
सरोल में मेडिकल कॉलेज में नाम हो चुकी है जमीन
सरोल में मेडिकल कॉलेज बनाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के नाम जमीन भी स्थानांतरित हो चुकी हैं। मगर प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग सरोल में मेडिकल कॉलेज बनाने के इच्छुक नहीं हैं। इससे चंबा वासियों को मेडिकल कॉलेज तो मिल जाएगा।
मगर मेडिकल कॉलेज में मिलने वाली सभी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पाएंगी। हैरानी की बात यह भी है कि कोई भी राजनीतिक पार्टी का नेता और स्वयंसेवी संस्था इसका विरोध नहीं कर रही है। मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए जितनी भूमि चाहिए होती है।
उसके मुकाबले क्षेत्रीय अस्पताल के आसपास भी भूमि मौजूद नहीं है। जोकि आने वाले समय में मरीजों के लिए परेशानी बन सकती है। गौरतलब हो कि मौजूदा समय में अस्पताल में रोजाना 1200 ओपीडी हो रही है। जोकि आने वाले समय में बढ़कर 2000 पहुंच जाएगी।
ऐसे में तीमारदारों और स्टॉफ के गाड़ियों खड़ी करने की समस्या आएगी। पहले क्षेत्रीय अस्पताल में कुछ साल के लिए मेडिकल कॉलेज चलाने का विचार था। सरोल में नया भवन बनने के बाद मेडिकल कॉलेज को शिफ्ट किया जाना था। मगर अब ऐसा नहीं होगा। क्षेत्रीय अस्पताल में ही हमेशा के लिए मेडिकल कॉलेज चलेगा। सरोल में मात्र मेडिकल कॉलेज की पढ़ाई होगी।
पुराने आवासों को तोड़ बनेगा 200 बिस्तर का नया भवन : प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉक्टर अनिल ओहरी ने बताया कि डॉक्टरों के पुराने हो चुके आवासों को तोड़कर 200 बिस्तरों वाला नया अस्पताल बनाया जाएगा। इसका सीधा लाभ अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को मिलेगा।