चंबा। जिले के 75 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 175 पेंशनरों को छठे पे कमीशन के एरियर की राशि और जनवरी 2023 का चार प्रतिशत महंगाई भत्ता नहीं मिल पाया है।
हालांकि, मुख्यमंत्री ने राज्य के पेंशनरों को दिवाली पर 28 अक्तूबर तक दोनों एकसाथ देने की घोषणा की थी। ऐसे में बुजुर्ग पेंशनर खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। पेंशनरों ने इसे सरकार की कथनी और करनी में जमीन आसमान का अंतर बताया है। पेंशनरों ने साफ किया है कि ये मामला जिला कोषाधिकारी कार्यालय चंबा और वित्त विभाग हिमाचल प्रदेश से जुड़ा हुआ है। यह मामला मुख्यमंत्री के आदेशों की अवहेलना से संबंध रखता है। पेंशनरों ने जिला कोषाधिकारी चंबा से मामले की शीघ्र छानबीन कर स्थिति स्पष्ट करने को लेकर चेताया है।
राज्य पेंशनर वेल्फेयर एसोसिएशन के प्रमुख प्रवक्ता एवं जिला चंबा पेंशनर के जिलाध्यक्ष पीसी ओबराय ने कहा कि मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि राज्य के पेंशनरों को दिवाली के चलते 18 अक्तूबर को ही पेंशन दी जाएगी। इसमें जनवरी 2023 की चार प्रतिशत महंगाई भत्ते की किस्त को भी जोड़ा जाएगा। कहा कि मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की थी कि जो पेंशनर 75 वर्ष की आयु पूरा कर चुके हैं, उन्हें छठे पे-कमीशन के एरियर की बाकी 22.50 राशि भी 28 अक्तूबर को मिलने वाली पेंशन के साथ जोड़कर दी जाएगी। बावजूद इसके जिले के 175 पेंशनरों को पहले की तरह ही पेंशन मिली। जनवरी 2023 का चार प्रतिशत महंगाई भत्ता और छठे पे-कमीशन का बकाया एरियर की राशि नहीं मिली है। उन्होंने इस मामले की जांच को लेकर आवाज बुलंद की है।