अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। न्यायाधीश कोर्ट नंबर दो चंबा पारस डोगर की अदालत ने वीरवार को चरस तस्करी के तीन दोषियों को दस-दस साल की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषियों को एक-एक लाख रुपये जुर्माना भी भरना होगा। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषियों को तीन-तीन वर्ष अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
चरस तस्करी के आरोप में तीनों दोषियों के खिलाफ एक साल से चंबा कोर्ट में केस चल रहा था। वीरवार को इस केस की सुनवाई हुई। इसमें न्यायाधीश-दो चंबा पारस डोगर ने फैसला सुनाते हुए तीनों दोषियों को 10-10 साल के कारावास और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर उन्हें तीन साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। एक जनवरी 2016 को इंस्पेक्टर जगदीश चंद और उनकी टीम ने चंबा-कंधवारा मार्ग पर हलूरी मोड़ के पास नाका लगाया था। इस दौरान सोहन सिंह पुत्र चैन सिंह निवासी गांव रैहन डाकघर नूरपुर स्विफ्ट डिजायर गाड़ी नंबर एचपी 38डी-9696 लेकर सामने से आ रहा था। नाके पर खड़ी पुलिस ने उसे चेकिंग के लिए रोका। उसके साथ गाड़ी में कमल किशोर पुत्र रूमी राम निवासी गांव लाहरा डाकघर सलूणी और दीपक राज पुत्र बाल मुकुंद शर्मा निवासी गांव सकरी (नूरपुर) भी सवार थे। पुलिस ने गाड़ी की तलाशी ली तो उसके भीतर 2 किलो 600 ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने चरस को जब्त करने के साथ ही तीनों दोषियों को गिरफ्तार कर लिया। तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। इसकी सुनवाई चंबा कोर्ट में चल्र रही थी। वीरवार को केस का फैसला सुनाते हुए अदालत ने तीनों दोषियों को दस-दस साल की सजा के साथ एक-एक लाख रूपये का जुर्माना भरने का आदेश जारी किए हैं।